गरियाबंद

Bridge construction controversy: IFS ऑफिसर के बिगड़े बोल, क्या टी-शर्ट में लिखवा दूं कि एनओसी दे दो

protest bridge demand: गांव में पुलिया और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया। टाइगर रिजर्व अनुमति को लेकर अधिकारी और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई।

2 min read
पुल निर्माण की मांग पर NH में चक्काजाम (photo source- Patrika)

Bridge construction controversy: गरियाबंद जिले में मैनपुर के पास जुगाड गांव के नेशनल हाईवे में ग्रामीणों ने सुबह से चक्काजाम किया। वे पुलिया समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने तीन से चार बार मनाने की कोशिश की। आखिर में उदंती सीतानादी टाईगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन भी पहुंचे। उनके साथ एसडीएम गरियाबंद और ईई पीएमजीएसवाय भी उपस्थित थे।

ये भी पढ़ें

Paddy procurement: धान खरीदी केंद्र प्रभारी को किया गया निलंबित, ऑफिसर बोले- ऐसी लापरवाही नहीं करेंगे बर्दाश्त

वरुण जैन की बात पर भड़के ग्रामीण

जैन ने कहा कि टाईगर रिजर्व क्षेत्र में किसी भी निर्माण कार्य से पहले केंद्र से अनुमति लेनी पड़ती है। इस पर ग्रामीण भड़क गए कि इतने साल से पुल की मांग हो रही है और आप अनुमति ही ले रहे। इस पर अधिकारी ने आपा खो दिया। कहने लगे हम कोशिश कर रहे हैं। जल्द ही अनुमति मिल जाएगी। मेरे पास न तो कोई अलादीन का चिराग है और न कोई जादू की छड़ी।

क्या मैं टीशर्ट में लिखवा दूं कि एनओसी दो। जैन यहीं नहीं रुके। वे ग्रामीणों को लगभग धमकी भरे अंदाज में यहां तक बोल गए कि इस काम के लिए डेढ़ करोड़ मंजूर हुए हैं और मुझे पता है कि कौन क्या कर रहा है। उनकी इस बात से ग्रामीण नाराज हो गए। कहने लगे कि पहले तो आपने जो धमकी दी है उसे क्लियर कीजिए। हम में से किसने क्या किया है सबके सामने बताएं क्यूंकि आपकी बात वीडियो में है।

… और फिर लिया यूटर्न

ग्रामीणों को भड़कता देख अधिकारी ने यूटर्न ले लिया और गोलमोल बातें कर उन्हें समझाने लगे। खुद की नौकरी पर आंच आ जाएगी इस दिशा में बात घुमा दी। मौके की नजाकत को देखते हुए महिला अधिकारी ने जैन के हाथ से माइक लिया और चक्काजाम समाप्त करने का अनुरोध करने लगी। आखिर में तय हुआ कि अगली बारिश से पहले पुलिया बनवा दी जाएगी और फिलहाल क्षतिग्रस्त रपटे को आवागमन के लायक बनाया जाएगा।

संबंधित खबरें

बीएसपी की जमीन पर बिना एनओसी बनी 2.77 करोड़ की लाइब्रेरी

नगर निगम भिलाई द्वारा सेक्टर-5 शहीद पार्क के पास लगभग 2.77 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन भवन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। यह निर्माण भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) की जमीन पर बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए किए जाने का मामला है।

बीएसपी ने इस पर आपत्ति जताते हुए नगर निगम को नोटिस भी जारी किया, लेकिन अब तक निगम की ओर से इसका कोई जवाब नहीं दिया गया है। जानकारी के अनुसार शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित जमीन मालिक चाहे वह रेलवे हो, बीएसपी हो या कोई अन्य संस्था से एनओसी लेना अनिवार्य है। इसके बाद ही निर्माण कार्य किया जाना चाहिए। इसके बावजूद निगम अधिकारियों ने बिना अनुमति के करोड़ों रुपए खर्च कर भवन का निर्माण कर दिया।

Published on:
22 Apr 2026 10:27 am
Also Read
View All