Child Injured Leopard Attack: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तेंदुए ने 7 साल के बच्चे पर हमला कर दिया। कोदोबतर के चट्टानपारा इलाके में हुई इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। तेंदुए ने बच्चे को घायल कर दिया, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है और वन विभाग से सुरक्षा की मांग की जा रही है।
Leopard Attack Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक तेंदुए ने 7 वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया। यह घटना जिला मुख्यालय के पास कोदोबतर के चट्टानपारा इलाके की है, जहां अचानक हुए इस हमले से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार तेंदुआ अचानक आबादी वाले क्षेत्र में आ गया और बच्चे पर झपट पड़ा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और वन विभाग से सुरक्षा की मांग की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, चट्टानपारा निवासी धनेश कुमार अपने पड़ोस के घर में टीवी देखकर रात में वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसकी गर्दन दबोच ली। तेंदुआ बच्चे को जंगल की ओर खींचने लगा, जिससे वह जोर-जोर से चीखने लगा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए तेंदुए का सामना किया और किसी तरह बच्चे को उसके चंगुल से छुड़ाने में सफल रहे। परिजनों की इस साहसिक कार्रवाई से मासूम की जान बच सकी।
हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके गर्दन और शरीर पर गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद परिजन आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालांकि स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया है। बच्चे की हालत को देखते हुए परिजन बेहद चिंतित हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है।
घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में अक्सर जंगली जानवर जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में आ जाते हैं। गरियाबंद मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में हर साल तेंदुओं की आवाजाही देखी जाती है, जिससे ग्रामीणों में हमेशा खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जंगली जानवरों की मूवमेंट पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।