
गरियाबंद में युवक का अनोखा जुगाड़ (फोटो सोर्स- Video स्क्रीनशॉट)
Ajab-Gajab: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां पेट्रोल पंपों में बोतल, जर्किन और प्लास्टिक डब्बों में पेट्रोल देने पर लगी रोक के बीच एक युवक ने ऐसा तरीका निकाला, जिसे देखकर लोग उसकी समझदारी की तारीफ कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
मामला गरियाबंद-रायपुर मार्ग स्थित शांति फ्यूल्स पेट्रोल पंप का बताया जा रहा है। यहां उस समय लोग हैरान रह गए, जब एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पेट्रोल पंप पर पहुंची और उसमें कोई कृषि सामान नहीं, बल्कि एक मोटरसाइकिल रखी हुई नजर आई। ट्रॉली में बाइक को देखकर पेट्रोल पंप कर्मचारियों समेत वहां मौजूद लोग कुछ देर तक समझ ही नहीं पाए कि आखिर मामला क्या है।
जानकारी के अनुसार, एक ग्रामीण युवक अपनी मोटरसाइकिल से किसी काम से जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। युवक ने आसपास से पेट्रोल की व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन जिले में लागू प्रतिबंध के चलते किसी भी पेट्रोल पंप से बोतल या जर्किन में पेट्रोल नहीं दिया जा रहा था। ऐसे में युवक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
काफी प्रयास के बाद भी जब उसे पेट्रोल नहीं मिला, तो उसने गांव से गरियाबंद की ओर आ रहे एक ट्रैक्टर चालक से मदद मांगी। ट्रैक्टर चालक ने इंसानियत दिखाते हुए युवक और उसकी बाइक को ट्रॉली में बैठा लिया। इसके बाद युवक बाइक को ट्रॉली में रखकर सीधे पेट्रोल पंप पहुंच गया, जहां उसने बाइक में पेट्रोल भरवाया।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो देखने के बाद कई लोग युवक की सूझबूझ की सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि युवक ने नियमों का उल्लंघन किए बिना समस्या का समाधान निकाला। वहीं कुछ लोग इसे “देसी जुगाड़” का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं।
दरअसल, गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक समेत कई इलाकों में प्रशासन ने डिब्बों और जर्किन में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा रखी है। इसके साथ ही ईंधन लेने की मात्रा भी सीमित कर दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य अवैध भंडारण और दुरुपयोग पर रोक लगाना बताया जा रहा है। हालांकि, इस फैसले का असर सबसे ज्यादा कृषि कार्यों में लगे किसानों और ट्रैक्टर चालकों पर पड़ रहा है।
देवभोग क्षेत्र में पेट्रोल पंपों के बाहर ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। स्थिति यह है कि दोपहर बाद से लेकर देर रात तक नेशनल हाईवे किनारे वाहन ईंधन के इंतजार में खड़े नजर आते हैं। वहीं खेती-किसानी के मौसम में डीजल की सीमित उपलब्धता से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
Updated on:
20 May 2026 08:16 pm
Published on:
20 May 2026 07:33 pm
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