गरियाबंद

नक्सलियों की नई प्लानिंग! तेंदूपत्ता खरीदी के बीच कैंप डालकर लेवी वसूली की फिराक में नक्सली…

CG Naxal News: गरियाबंद जिले में तेंदूपत्ता खरीदी शुरू होते ही नक्सली लेवी वसूली की फिराक में हैं। इसके लिए बकायदा स्थायी कैंप डालने की तैयारी थी।

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CG Naxal News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तेंदूपत्ता खरीदी शुरू होते ही नक्सली लेवी वसूली की फिराक में हैं। इसके लिए बकायदा स्थायी कैंप डालने की तैयारी थी। हालांकि, फोर्स ने इनके मंसूबों को पूरा होने से पहले ही नाकाम कर दिया है। जुगाड़ थाना क्षेत्र के मोतीपानी गांव के करीब पुलिस और नक्सलियों के बीच इसी सिलसिले में मुठभेड़ हुई। इसमें 8 लाख का इनामी नक्सली मारा गया।

CG Naxal News: स्थायी कैंप डालने की तैयारी

गरियाबंद जिले में इस बार 66 हजार परिवारों से 83 हजार बोरा तेंदूपत्ता खरीदने का लक्ष्य है। इसके बदले तकरीबन 45.75 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। जिले के ज्यादातर जंगल मैनपुर, देवभोग में हैं। ऐसे में तेंदूपत्ता की रेकॉर्ड खरीदी भी यहीं होती है। बताते हैं कि इलाके में नक्सली लंबे वक्त से लेवी वसूली करते आए हैं। पुलिस को सूचना मिली कि मोतीपानी गांव के करीब पहाड़ियों पर कुछ नक्सलियों को देखा गया है।

इसी आधार पर ई-30 और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम को गश्त पर भेजा गया था। सूचना सही निकली। मौके पर कई नक्सली मौजूद थे। ऑटोमेटिक हथियार से लैस इन नक्सलियों ने फोर्स पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। फोर्स की जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों का डीवीसीएम योगेश मारा गया। मौके से पुलिस ने देसी रॉकेट, बड़ी मात्रा में दवाइयां, पावर जनरेट करने के लिए सोलार प्लेट समेत कैंप लगाने के लिए जरूरी सामग्रियां बरामद की हैं।

आत्मसमर्पण ही नक्सलियों के लिए अंतिम विकल्प

गरियाबंद जिला एसपी निखिल अशोक राखेचा कि पूरा ऑपरेशन करीब 36 घंटे चला। फोर्स अब वापस आ गई है। केंद्र और राज्य की मंशा के अनुरूप जिले को नक्सल मुक्त बनाने के लिए सर्च ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे। सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत हिंसा का रास्ता छोड़कर नक्सली समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं। यह विकल्प उनके लिए अब भी खुला है।

Updated on:
04 May 2025 12:11 pm
Published on:
04 May 2025 12:10 pm
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