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गयाजी जंक्शन पर गूंजी किलकारी… प्लेटफॉर्म पर ही महिला ने नन्ही बच्ची को दिया जन्म, RPF और मेरी सहेली टीम ने बचाई मां-बच्ची की जान

गयाजी जंक्शन पर एक दिल को छू लेने वाला नजारा देखने को मिला, जब एक महिला यात्री ने प्लेटफॉर्म पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। RPF और 'मेरी सहेली' टीम की तुरंत कार्रवाई की वजह से समय पर मदद मिली, मां और बच्ची दोनों सुरक्षित हैं।

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Dec 15, 2025
गयाजी जंक्शन पर महिला ने बच्ची को दिया जन्म
गयाजी जंक्शन पर महिला ने बच्ची को दिया जन्म (फोटो-फेसबुक)

बिहार के गयाजी जंक्शन पर सोमवार को ट्रेन यात्रियों की सामान्य भीड़भाड़ के बीच एक अनोखा नजारा देखने को मिला। प्लेटफॉर्म नंबर 2-3 पर एक महिला यात्री को अचानक लेबर पेन शुरू हो गया, और हालात इतने नाज़ुक हो गए कि स्टेशन ही उसका डिलीवरी रूम बन गया। समय कम था और हालात मुश्किल थे, लेकिन रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और 'मेरी सहेली' टीम की तुरंत कार्रवाई की वजह से मां और उसकी नवजात बच्ची दोनों की सुरक्षित डिलीवरी हो गई।

अचानक बिगड़े हालात, प्लेटफॉर्म पर मची हलचल

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मिडिल फुट ओवरब्रिज के नीचे एक महिला दर्द से कराहती दिखाई दी। आसपास मौजूद यात्रियों को समझते देर नहीं लगी कि मामला प्रसव का है। महिला के साथ चार छोटे बच्चे और एक बुज़ुर्ग महिला भी थीं। यात्रियों ने आनन-फानन में कपड़ों की एक दीवार खड़ी कर दी और मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी आवाज़ सुनकर, आस-पास की कई औरतें मौके पर पहुंचीं और लेबर पेन से जूझ रही महिला की मदद की।

ड्यूटी पर तैनात RPF आरक्षी धर्मेंद्र कुमार-1 की नजर जैसे ही प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला पर पड़ी, उन्होंने तुरंत सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार को सूचना दी। यह सूचना मिलते ही पवन कुमार ने बिना वक्त गंवाए ‘मेरी सहेली’ टीम की महिला आरक्षी सोनिका कुमारी को मौके पर बुलाया और स्टेशन मास्टर को मेडिकल सहायता के लिए अलर्ट किया।

‘मेरी सहेली’ टीम ने संभाली कमान

महिला कांस्टेबल सोनिका कुमारी मौके पर पहुंचीं और तुरंत फर्स्ट एड देना शुरू कर दिया, साथ ही गर्भवती महिला को दिलासा भी दिया। उन्होंने 35 साल की ममता देवी को शांत किया और सुरक्षित डिलीवरी के लिए जरूरी कदम उठाए। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोग परेशान थे, लेकिन टीम के शांत स्वभाव और लगन से स्थिति कंट्रोल में रही। जल्द ही, सबकी कोशिशों से ममता देवी ने प्लेटफॉर्म पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। सूचना मिलते ही मंडल रेल अस्पताल गया के डॉक्टर रवि कुमार पांडे अपनी मेडिकल टीम के साथ पहुंचे। डॉक्टरों ने मां और नवजात का प्राथमिक उपचार किया और बताया कि दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और खतरे से बाहर हैं।

परिजनों ने ली राहत की सांस

प्रसव के बाद प्रसूता की सास कारी देवी ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि वे आगे के इलाज के लिए बेला मेडिकल अस्पताल जाएंगे। बाद में मां-बच्ची को परिजनों की देखरेख में सुरक्षित रवाना कर दिया गया। रेलवे प्रशासन और यात्रियों ने RPF तथा ‘मेरी सहेली’ टीम की तत्परता की जमकर सराहना की।

Published on:
15 Dec 2025 12:40 pm