नवयुग मार्केट के पास स्थित शहीद पथ पर बलिदानियों की प्रतिमा लगाने को लेकर भाजपा पार्षद राजीव शर्मा और भाजपा नेता नामित पार्षद प्रदीप चौहान वाल्मिकी आपस में भिड़ गए। काफी देर तक विवाद के बाद यह फाइनल हुआ कि सदन की अनुमति से ही प्रतिमा लगाई जाएगी।
गाजियाबाद नगर निगम में शनिवार को हुई बोर्ड की बैठक में हंगामा हो गया। यहां दो भाजपा पार्षदों में जमकर नोकझोंक हो गई। इतना ही नहीं सदन में अमर्यादित शब्द का इस्तेमाल करने पर सदन के सदस्यों ने वार्ड संख्या 94 के भाजपा पार्षद एसके माहेश्वरी के खिलाफ कड़ी नाराजगी व्यक्त की। साथ ही उन्हें सदन से बाहर करने की मांग पर अड़ गए। जिसके कारण सदन की कार्यवाही भी बाधित हो गई। वहीं महापौर आशा शर्मा ने एसके माहेश्वरी से माफी मांगने या फिर सदन से बाहर जाने के लिए कहा, जिसपर उन्होंने सदन से माफी मांगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोबारा से शुरू हो सकी।
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इस बात पर हुई बहस
बता दें, कि नवयुग मार्केट के पास स्थित शहीद पथ पर बलिदानियों की प्रतिमा लगाने को लेकर भाजपा पार्षद राजीव शर्मा और भाजपा नेता नामित पार्षद प्रदीप चौहान वाल्मिकी आपस में भिड़ गए। बात इतनी बढ़ गई कि मामला नोकझोंक तक पहुंच गया। काफी देर तक विवाद के बाद यह फाइनल हुआ कि सदन की अनुमति से ही प्रतिमा लगाई जाएगी।
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जिंदा पशुओं को कटान का आरोप
जानकारी के मुताबिक, पार्षद आरिफ मलिक ने बोर्ड बैठक के दौरान एक वीडियो दिखाकर आरोप लगाया कि जिले के विजयनगर में स्थित कारकस प्लांट मृत पशुओं के शव का निस्तारण करने के लिए बनाया गया है। आरोप है कि इसमें जिंदा पशुओं को कटान के लिए लाया जाता है। जिसपर गाजियाबाद नगर निगम की महापौर आशा शर्मा ने जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि यह वीडियो काफी पुराना है। पूर्व में विजयनगर थाने में इसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है।