गौतमबुद्धनगर औज गाजियाबाद खाकी की बदनामी के बाद अब विधायक ने लगाए गंभीर आरोप
वैभव शर्मा/गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अपराध मुक्त माहौल तैयार करने के लिए पुलिस को छुट दी हुई है। लेकिन पुलिस महकमा इसका गलत फायदा उठा रहा है। गौतमबुद्धनगर में एसओजी की टीम की उगाई की लिस्ट सामने आने और गाजियाबाद में सरिया माफियाओं की पुलिस पर लाखों रूपये की रिश्वत दिए जाने के आरोप के बीच अब योगी सरकार के विधायक ने भी पुलिस महकमे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गाजियाबाद के हिंदूवादी औऱ फायर ब्रांड विधायक नंद किशोर गुर्जर ने अब अपने विधानसभा क्षेत्र में पुलिस महकमे पर उगाई किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। एक लेटर के जरिए की गई शिकायत में पुलिस के सारे कारनामों को बयां किया गया है। शासन तक मामला पहुंचने के बाद में अब सभी में हड़कंप मचा हुआ है।
सीएम को लिखा ये लेटर
लोनी विधानसभा के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अपने ही क्षेत्र की पुलिस पर अवैध उगाई किए जाने का आरोप लगाया है। नंदकिशोर गुर्जर ने सीएम को लिखे लेटर में कहा कि उन्हें मानसिक पीड़ा हो रही है कि उनकी विधानसभा में वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने के बाद गरीबों को जेल भेजने का डर दिखाकर पुलिस द्वारा उगाई की जा रही है। इससे भष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के आपके आदेशों की अवेहलना की जा रही है।
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शिकायत के बाद भी एसएसपी ने नहीं की कार्रवाई
एमएलए के मुताबिक भष्ट पुलिस अधिकारी औऱ पुलिसकर्मीयों की शिकायत एसएसपी से कई बार की गई है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए खुद मुख्यमंत्री महोदय इसके संबंध में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करे। पुलिसकर्मी के अवैध उगाई करने की वजह से लोगों में खासा रोष है और भारतीय जनता पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
दरोगा ने नहीं मानी विधायक की बात
पुलिस महकमे के अधिकारी भाजपा के विधायकों की कितनी सुनते हैं, इस पर भी नंदकिशोर गुर्जर ने सवाल खड़े किए हैं। विधायक का कहना है कि हाल ही में लोनी के बंथला चौकी पर तैनात दरोगा राजकुमार कुशवाहा ने ट्रेक्टर चालक शौकीन से किसी गाड़ी में साइड लगने के नाम पर तेरह हजार रूपये की उगाई की और उसकी बैट्ररी उतरवा ली। दूसरा पक्ष भी पीड़ित चालक का जानने वाला था। इसलिए दोनों समझते के लिए तैयार थे, खुद मैंने फोन किया, इसके बाद भी दरोगा ने उगाई की।
थाना इंचार्ज की गाड़ी से चलते है सिपाही
पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मीयों की मिलीभगत का खुलासा करते हुए विधायक ने बताया कि यहां लोनी बार्डर थाना इंचार्ज की गाड़ी में आकर सिपाही अरूण, प्रवीण और मनोज और दो अन्य ने प्रवेश पुत्र निरंजन को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने के नाम पर धमकाया गया। इसके बाद चालीस हजार रूपये लेकर उसे छोड़ा गया। इनके लेनदेन की रिकार्डिंग भी उपलब्ध हैै।