गाज़ियाबाद

टोना-टोटका, झाड़-फूंक और सरकारी जमीन, गाजियाबाद में 30 साल पुरानी मजार पर आखिर क्यों चला बुलडोजर?

Ghaziabad Illegal Mazar Demolition: यूपी के गाजियाबाद में प्रशासन अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने करीब 30 साल पुरानी अवैध मजार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया है।
2 min read
UP Bulldozer Action News, Ghaziabad Encroachment Drive
गाजियाबाद में 30 साल पुरानी मजार पर ढहाई गई (फोटो सोर्स- 'X' @BhaiPreetSingh)

Illegal Mazar Demolished: उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने का बुलडोजर अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में गाजियाबाद के लोनी (ट्रॉनिका सिटी) इलाके में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने सेक्टर C-8 में करीब 25- 30 साल पुरानी सरकारी जमीन पर बनी एक अवैध मजार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने करीब 70 लाख रुपये की सरकारी भूमि को भू-माफियाओं और अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया।

पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

संवेदनशील मामले को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचा था। यह पूरी कार्रवाई डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी और स्थानीय एसडीएम की निगरानी में की गई। कानून व्यवस्था न बिगड़े और किसी भी प्रकार के विरोध से निपटा जा सके, इसके लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और PAC के जवानों को तैनात किया गया था। प्रशासन की सख्त सतर्कता के चलते पूरी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया बिना किसी विरोध के शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो गई।

मजार पर हिंदू समाज के लोग भी आते थे मन्नत मांगने

ट्रॉनिका सिटी के सेक्टर C-8 में बनी यह पीर बाबा की मजार करीब 25 से 30 साल पुरानी थी। यहां एक खादिम रहकर मजार की देखरेख करता था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मजार पर बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग भी मन्नत मांगने और अपनी आस्था जताने आते थे। श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान-दक्षिणा से ही खादिम का गुजर- बसर होता था। इसके साथ ही वहां टोने-टोटके और झाड़-फूंक का काम भी किया जाता था।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेश हैं कि राज्य में जहां भी सरकारी जमीनों पर अवैध धार्मिक स्थल या कोई और निर्माण किया गया है, उन्हें चिन्हित करने का काम जारी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी किसी ने सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।