
गाजियाबाद। पिछले कुछ समय से साइबर क्राइन का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नोएडा गाजियाबाद में कई साइबर थाने खोले गए हैं। हालांकि कई बार इन थानों में सुनवाई न होने पर ठगी के शिकार लोग चक्कर ही लगाते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद जिले का सामने आया है। जिसमें एक सिविल इंजीनियर को ठगी की शिकायत करने के लिए सात महीने तक थाने के चक्कर काटने पड़े। जिससे परेशान होकर उसे सीएम ऑफिस में फोन करना पड़ा। जिसके बाद उसकी शिकायत विजयनगर थाने में दर्ज हुई।
दरअसल, गाजियाबाद वकील कॉलोनी में रहने वाले वीर बहादुर दिल्ली की एक रियल इस्टेट कंपनी में प्रॉजेक्ट इंजीनियर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पास एसबीआई का एक क्रेडिट कार्ड है। उनके पास इसी वर्ष 17 अप्रैल को स्टेटमेंट आया। जिसमें उनके कार्ड से 94 हजार 500 रुपये निकलने की जानकारी दी गई। जबकि क्रेडिट कार्ड उनके पास ही था और उसका इस्तेमाल भी नहीं किया गया था।
इसे देखर वह हैरत में पड़ गए और उन्होंने तत्काल क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करवाया और बैंक से इस बाबत जानकारी ली। जिसमें उन्हें बताया गया कि उनके कार्ड से गुड़गांव से शॉपिंग की गई है। उन्होंने अगले ही दिन इसकी जानकारी विजयनगर थाने में दी। आरोप है कि वह पिछले 7 महीने से थाने के चक्कर लगाते रहे लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। थाने वाले साइबर सेल भेज देते और साइबर सेल थाने में। जिससे परेशान होकर उन्होंने सीएम ऑफिस के शिकायत नंबर पर फोन किया। जिसके बाद उनकी रिपोर्ट विजयनगर थाने में दर्ज की गई है। इस मामले में विजयनगर थाना प्रभारी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जहां से रुपये निकाले गए, उसकी डिटेल ली जा रही है। जांच जारी है।