पड़ताल के दौरान हुआ था खुलासा
गाजियाबाद।वाराणसी में पुल गिरने से दर्दनाक हादसे के बाद पड़ताल में गाजियाबाद में डीएमआरसी द्वारा कराये जा रहे।मेट्रो निर्माण में बड़ी लापरवाही सामने आर्इ।पत्रिका द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था।इसका असर उस वक्त देखने को मिला।जब डीएमआरसी के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और अगले दिन ही इस पर ध्यान देते हुए कर्मचारियों द्वारा सभी नट बोल्ट कस दिए गए।और सुरक्षा की दृष्टि से अन्य कई इंतजाम भी किए गए ।
ये कमी आर्इ थी सामने
आपको बताते चलें कि दिल्ली शालीमार गार्डन से गाजियाबाद नए बस अड्डे तक आने वाली मेट्रो के लिए मेट्रो की लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है।साहिबाबाद इलाके में बिछाई जाने वाली मेट्रो लाइन पर लगाए जा रहे लोहे के गार्डर और चैनल पर बड़े-बड़े नट बोल्ट लगाए गए थे।लेकिन उन्हें पूरी तरह से नहीं कसा गया था। जिसके चलते कर्इ लोहे के नट बोल्ट निकले हुए थे।जो कि डीएमआरसी के कर्मचारियों की यह बड़ी लापरवाही सामने आर्इ थी।नट बोल्ट ढीले होने के कारण कभी भी लोहे के यह बड़े गार्डर और चैनल नीचे गिर सकते थे। जिसे वाराणसी जैसे दर्दनाक हादसा हाेने की संभावना बनी हुर्इ थी। डीएमआरसी की इसी लापरवाही को दो दिन पहले ही पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था। इसी का संज्ञान लेते हुए अगले ही दिन डीएमआरसी अधिकारियों ने इन्हें कसवा कर सही कराया।
डीएमआरसी का गार्डन गिरने से पहले भी हो चुका है हादसा
इससे पहले भी मोहन नगर इलाके में एक बड़ा हादसा हो चुका था। जिसमें डीएमआरसी का ही गार्डर गिरने से करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए थे और एक लड़की की मौत भी हो चुकी थी।उसके बाद भी साहिबाबाद इलाके में बड़ी लापरवाही सामने आ रही थी।इस लापरवाही को पत्रिका द्वारा 16 मई को प्रमुखता से उठाया गया था। जिसे डीएमआरसी के अधिकारियों द्वारा गंभीरता से लिया गया और अगले ही दिन इस पर कार्य शुरू करा दिया गया। और सुरक्षा की दृष्टि से अन्य कई तरह के इंतजाम भी किए गए हैं।