एस्सेल ग्रुप करेगा ग़ज़ियाबाद को स्मार्ट बनाने में मदद, चलेगी 1000 इलेक्ट्रिक बस
गाजियाबाद। दिल्ली से यूपी में एंट्री करने पर प्रदेश के आईने के तौर पर नजर आने वाले महानगर गाजियाबाद में अब एनसीआऱ के बाकि शहरों की तरह पॉल्यूशन फ्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सौगात जल्द ही लोगों को मिलेगी। शहर के बेहतर डवल्पमेंट और कनेक्टिविटी को देखते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण व एस्सेल ग्रुप शहर को स्मार्ट बनाने की कोशिश कर रहे है। इसके तहत गाजियाबाद में चार रूटो पर एक हजार इलेक्ट्रानिक बस चलाई जाएगी
शहर को स्मार्ट बनाने के लिए कनेक्टिविटी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की जरूरत है। इन्ही के लिए प्राईवेट फर्मो से बातचीत की जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक कंपनी से बसों को चलाए जाने के लिए प्रेजेंटेशन ली गई है। अगर इस पर सहमति बनती है तो जल्द ही काम को आगे बढाया जाएगा। जीडीए के सूत्रों के मुताबिक एस्सेल ग्रुप की तरफ से दिए गए प्रस्ताव के तहत शहर को 4 रूटों में बांटा गया है।
शहर के सभी रूट को अलग रंग दिया गया है। पहले रूट को रेड लाइन कहा गया है जो कि दिलशाद गार्डन से लाल-कुंआ तक होगा। इसकी लंम्बाई 15 किमी होगी। हर एक किमी पर एक स्टॉप दिया गया है। दूसरा रूट कौशांबी से मोरटा तक का है , जिसे ब्लू लाइन कहा गया है। यह सबसे लम्बा 23 किमी है। इसमें 18 स्टॉप दिए गए हैं। यह कौशांबी से शुरू होकर मोहननगर, नया बसअड्डा, पुराना बस अड्डा , हापुड चुंगी , राजनगर एक्सटेंशन होते हुए मोरटा तक जाएगा। तीसरा रूट कौशांबी से लाल कुंआ होगा। लम्बी 14 किमी और 14 स्टॉप होंगे। इसे ग्रीन लाईन कहा गया है। चौथा व अंतिम रूट भौपूरा से मोटरा तक का है , जिसे ब्राउन लाइन कहा गया है। यह 19 किमी लम्बा होगा जिसमें 14 स्टॉप होंगे।
जीडीए वीसी रितू माहेश्वरी ने बताया कि फिलहाल कंपनी ने केवल प्रस्ताव रखा है। इस प्रोजेक्ट पर कितना खर्चा आएगा इसका आकलन कर कंपनी फिर से जीडीए को सूचित करेगी। इससे पहले कंपनी ने निगम से संपर्क साधा था। पहले पूरा निवेश करने के लिए कंपनी तैयारी थी। मगर अब कंपनी ने नॉर्मल बसों की कीमत पर ई-बसें देने के बात कही है।र कंपनी के प्रस्ताव को मान लिया जाता है तो भी कम से कम 500 करोड़ के निवेश की जरूरत पड़ेगी। कंपनी इसके अलावा अन्य रूटों पर ई-ऑटो चलवाने की भी इजाजत मांगी है जिसपर विचार किया जाएगा।