गाज़ियाबाद

पहल: गाजियाबाद में खुला पहला पैड बैंक, अब महिलाओं को फ्री मिलेंगे सैनेटरी पैड

सैनेटरी पैड के उपयोग से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी देने और गरीब महिलाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए यह इस तरह की पहली पहल है।
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Updated: 20 Feb 2018, 3:35 PM IST
sanitary pad

गाजियाबाद।अक्षय कुमार की पैडमैन मूवी के बाद महिलाएं सैनेटरी पैड और इससे जुड़े मुद्दों पर अब खुलकर बात कर रहीं हैं। साथ ही गाजियाबाद की महिलाएं तो जागरूकता के मामले में एक कदम और आगे निकल गईं हैं।

दरअसल यहां पर एक पैड बैंक खोला गया है जो सैनेटरी पैड जुटाकर उन्हें गांवों और कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाली जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाएगा। शहर में पहल यह पहल महिलाओं के संगठन पिंकिश ग्रुप ने की है। ग्रुप की राष्ट्रीय महासचिव शालिनी गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में इस बैंक की चार शाखाएं ही खोली गई हैं और दो दिन में ही हजारों पैड जुटाए जा चुके हैं। इसके लिए एक सिस्टम बनाया गया है, जिसमें पैड डोनेट करने वाले हर शख्स की डिटेल ऑनलाइन भरी जा रही है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के अलावा पुरुष भी पैड दान दे रहे हैं।

वसुंधरा में पैड बैंक ऑफिस
पैड बैंक का हेड ऑफिस वसुंधरा में बनाया गया है। इसके अलावा क्रॉसिंग रिपब्लिक, कविनगर और इंदिरापुरम की ऑरेंज काउंटी में उप शाखाएं हैं। यहां लोग पैड डोनेट कर सकते हैं। जरूरतमंद महिलाएं यहां से पैड ले भी सकती हैं। जिले में ब्रांच को लीड करने वाली पल्लवी श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में इस तरह का यह पहला बैंक है।

बनाए जाएंगे पैड कार्ड
शालिनी गुप्ता ने बताया कि पैड एकत्रित करने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद सभी चार बैंकों में आस-पास के गांवों और कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाली महिलाओं के पैड कार्ड बनाए जाएंगे। पैड लेने वाली महिलाओं की काउंसलिंग के साथ इसके प्रयोग के फायदों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

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उन्होंने बताया कि कार्ड बनाने वाली महिलाओं को हर महीने पैड दिए जाएंगे। जिस महीने उनकी एंट्री नहीं होगी, एक टीम को उनके पास भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उन महिलाओं के लिए है, जो जानकारी के अभाव में अपने स्वास्थ्य की देखभाल नहीं कर पाती। हम लोग उनके पास जाएंगे और सैनेटरी पैड के उपयोग के फायदों के बारे में बताएंगे। पैड बैंक से बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।

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