
गाजियाबाद । महानगर में गुरुवार को सीवर के भीतर घुसकर सफाई करने वाले 5 सफाईकर्मी काल के गाल में समा गये। जिसकी सूचना पर तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए जांच के आदेश दिए गये। उधर मामले में बिना किसी सुरक्षा के सफाईकर्मचारियों को उतारने को लेकर पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही बार बार अधिकारियों की लापरवाही के चलते सफाई कर्मचारियों की मौतों के मामले को देखते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई सबक के तौर पर दी गई है।
पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया
इस मामले को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गंभीरता से लिया गया और अब तक जल निगम के पांच अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं इस मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने भी संज्ञान ले लिया है।जिस ठेकेदार के द्वारा यह काम कराया जा रहा था । उसको ब्लैक लिस्ट करके एफआईआर दर्ज कर दी गई है। और आज लखनऊ से एक टीम भी मौके का जायजा लेने के लिए पहुंची। उन्होंने कहा इस पूरे मामले में अधिकारियों और ठेकेदार के द्वारा बड़ी लापरवाही बरती गई है। जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ है।
सरकार ने दिया दस लाख रुपये का मुआवजा
इसके अलावा सरकार ने मृतकों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी ऐलान किया है। वहीं शुक्रवार को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर भी मौके पर पहुंची और मामले में अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अधिकारियों पर धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल में डाल देना चाहिए। वह इसकी पूरी तरह पैरवी करेंगी और हर हाल में मृतको के परिजनों को न्याय दिलाएंगी।