गाज़ियाबाद

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व शाखा प्रबंधक को 4 साल की सजा; इस मामले में फंसे

Crime News: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व शाखा प्रबंधक को 4 साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही उन पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जानिए, पूरा मामला क्या है?

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यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व शाखा प्रबंधक को 4 साल की सजा। फोटो सोर्स-IANS

Crime News: CBI की विशेष अदालत ने बैंक धोखाधड़ी मामले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व शाखा प्रबंधक को सजा सुनाई। गाजियाबाद की विशेष अदालत ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, लघु उद्योग शाखा (नोएडा) के शाखा प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव को बैंक धोखाधड़ी के मामले में 4 साल की कैद और 30 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

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यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व शाखा प्रबंधक को सजा

CBI द्वारा दर्ज FIR के मुताबिक, यह मामला साल 2007 से 2009 के बीच का है। इस दौरान मनोज श्रीवास्तव यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की SSI शाखा, नोएडा में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए, अन्य व्यक्तियों के साथ आपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत किए। साथ ही वितरित भी करवाए। जिससे बैंक को आर्थिक नुकसान हुआ।

14 दिसंबर 2010 को दर्ज किया गया था मामला

मामले में CBI ने 14 दिसंबर 2010 को मनोज श्रीवास्तव और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। CBI ने जांच पूरी होने के बाद 29 सितंबर 2012 को अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। आरोपी मनोज श्रीवास्तव ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश (CBI भ्रष्टाचार निरोधक), गाजियाबाद की अदालत में दोष स्वीकार करने की याचिका (गिल्टी प्ली) दायर की। उन्होंने अदालत के समक्ष अपने अपराध को स्वीकार कर लिया।

30 हजार रुपये का जुर्माना भी कोर्ट ने लगाया

कोर्ट ने शनिवार को अपने निर्णय में श्रीवास्तव को दोषी ठहराया। साथ ही 4 साल के कठोर कारावास के साथ 30 हजार का जुर्माना लगाने का आदेश दिया।

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Published on:
20 Oct 2025 10:37 am
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