जिलाधिकारी के आदेश पर हुर्इ थी छापेमारी
गाजियाबाद।भाजपा सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के तहत गरीबों को इलाज के साथ ही सस्ती दवार्इयां दिलाने के लिए जन औषधि केंद्र खोले गये है।सरकार का दावा है कि इन केंद्रों पर गरीबों को जेनेरिक दवाएं मिलेगी।जो मार्केट में बिक रही दवार्इयों से 90 प्रतिशत सस्ती होगी।प्रधानमंत्री की इस योजना के तहत अभी पूरे स्टोर खुले भी नहीं थे।पुलिस की छापेमारी में जनआैषधि केंद्रों पर कुछ ही बिकता मिला।इतना ही नहीं इसके बदले लोगों से मोटी रकम भी वसूली जाती थी।पुलिस आैर अधिकारियों ने छापेमारी कर एेसे छह जनआैषधि केंद्रों के खिलाफ जांच शुरू हो गर्इ है।इनमें एमएमजी अस्पताल में संचालित औषधि केंद्र भी शामिल है।इनमें से छह केंद्रों को सील कर दिया गया है।वहीं कुछ अन्यों के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट की गई है।
डीएम के आदेश पर की गर्इ थी छापेमारी, तो निकली यह सच्चार्इ
जेनेरिक की जगह महंगी ब्रांडेड दवाएं बेचने व दवा का बिल न देने की शिकायतों के बीच जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने मजिस्ट्रेट जांच कराई थी।आदेश पर सोमवार को टीम ने गाजियाबाद के जनआैषधि केंद्रों पर छापेमारी की।तो वहां जेनेरिक की जगह महंगी दवार्इयां मिली।वहीं महंगी ब्रांडेड दवाएं बेचने के साथ ही उनका बिल भी नहीं दिया जा रहा था। इस पर नौ केंद्रों के खिलाफ जांच कर एसडीएम सदर विवेक कुमार मिश्र व एसडीएम प्रशांत तिवारी ने रिपोर्ट दी थी।जबकि एमएमजी अस्पताल परिसर स्थित जन औषधि केंद्र के खिलाफ नगर मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट दी थी।जांच रिपोर्ट पर डीएम ने संबंधित जन औषधि केंद्रों का तत्काल लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति प्रमुख सचिव खाद्य एवं औषधि, प्रमुख सचिव चिकित्सा के साथ केंद्र सरकार से भी की थी।
केंद्रों को कर दिया गया सील
डीएम के आदेश के बाद सोमवार शाम को एसडीएम सदर आैर एसडीएम प्रशांत तिवारी की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की। एसडीएम विवेक कुमार मिश्र ने बताया है कि सील किए गए पांच जन औषधि केंद्र वे हैं। जिनके खिलाफ पहले चरण में मजिस्ट्रेट रिपोर्ट दी गई थी। इनमें एमएमजी स्थित जन आैषधि केंद्र, सेक्टर-23 संजय नगर आैर राजनगर स्थित जन आैषधि केंद्र के साथ छठा केंद्र एमएमजी परिसर में स्थित है। जिसकी जांच सिटी मजिस्ट्रेट ने की थी। जिन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में तमाम खामियां पाई थीं। जिसके बाद इन्हें सील कर दिया गया है।