Ghaziabad Child Trafficking News: गाजियाबाद पुलिस ने नवजात व शिशुओं की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
Ghaziabad child trafficking two women four arrested: यूपी की गाजियाबाद पुलिस ने गुरुवार को नवजात व शिशुओं की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 4 अगस्त को लोनी इलाके से एक साल के बच्चे के अपहरण के मामले की जांच के दौरान हुई। गिरोह बच्चों को अपहरण कर निःसंतान दंपतियों को मोटी रकम लेकर बेचता था।
गिरफ्तार आरोपियों में लोनी निवासी नावेद अंसारी (19), शामली निवासी अफसर अली (28), शाइस्ता (35) और मुजफ्फरनगर की संध्या चौहान (37) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, शाइस्ता ने अफसर से एक साल का बच्चा मुहैया कराने की मांग की थी, जिसे वह मुरादाबाद की एक नर्स रंजना (फिलहाल फरार) को देने वाली थी।
अफसर ने नावेद को साथ मिलाया और 4 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे लोनी में घर के बाहर खेल रहे मासूम का अपहरण कर बाइक से फरार हो गए। लेकिन बच्चे के परिवार से डरकर उन्होंने मासूम को एक स्थानीय महिला के घर छोड़ दिया और भाग निकले।
एसीपी लोनी सर्किल सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया और चारों आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में पता चला कि नावेद और अफसर को बच्चे को शाइस्ता तक पहुँचाने के लिए 25-25 हज़ार रुपये देने का वादा किया गया था। इसके बाद शाइस्ता बच्चे को संध्या तक पहुंचाती, जिसने पहले ही उसके फोटो 8 लोगों को भेज दिए थे।
पुलिस के मुताबिक, संध्या ने मुरादाबाद की नर्स के जरिए एक निःसंतान दंपति से 2.5 लाख में बच्चे का सौदा तय किया था। नर्स इससे पहले भी देहरादून के एक दंपति को एक नवजात बेच चुकी है।
संध्या के मोबाइल से कई नवजातों और बच्चों की तस्वीरें, सौदे की कीमतें, मैसेज और वॉइस चैट बरामद की गईं। इनमें दिल्ली, बिजनौर, मुरादाबाद, रुड़की और अमरोहा के संपर्कों की जानकारी भी शामिल है। संध्या ने पुलिस को बताया कि गोरे रंग के नवजात लड़कों की मांग और कीमत सबसे ज्यादा होती है।
एसीपी ने कहा, "जांच में सामने आया है कि यह एक बड़ा नेटवर्क है जो निःसंतान दंपतियों से संपर्क कर नवजात बच्चों की तस्करी करता है। अब मामला गाजियाबाद पुलिस की मानव तस्करी इकाई को सौंपा जाएगा।"
नावेद और अफसर को निशांत कॉलोनी इलाके से और शाइस्ता व संध्या को लोनी के खड़कड़ी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। फरार नर्स की तलाश जारी है। एफआईआर बीएनएस की धारा 143(4) (बाल तस्करी) के तहत 4 अगस्त को ट्रोनिका सिटी थाना में दर्ज की गई है।