
Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में 10वीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। आरोप है कि दो युवकों ने छात्रा को मसूरी थाना क्षेत्र के पास से अगवा किया और चलती कार में करीब सात घंटे तक घुमाते रहे। इसके बाद उसे एनएच-9 के किनारे छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता अगले दिन किसी राहगीर की मदद से घर पहुंची। शिकायत के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कार भी बरामद कर ली है। घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहती है। उसकी मां ने पुलिस को बताया कि 27 जुलाई को बेटी किसी काम से घर से बाहर गई थी। शाम करीब साढ़े सात बजे वह मसूरी थाने के पास एनएच-9 की सर्विस रोड पर वाहन का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान कार सवार आरोपियों ने उसे अकेला देखकर अगवा कर लिया। पीड़िता के अनुसार, विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। कार के शीशों पर सन शेड लगा हुआ था, जिससे बाहर से अंदर दिखाई नहीं दे रहा था।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह लगातार चीखती रही और आरोपियों से छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन उन्होंने उसकी बात नहीं सुनी। आरोप है कि आरोपी उसे करीब सात घंटे तक शहर की सड़कों पर घुमाते रहे। रात करीब ढाई बजे आरोपियों ने उसे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास फेंक दिया और फरार हो गए। 28 जुलाई की सुबह एक राहगीर की मदद से वह घर पहुंची।
पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने पिलखुवा के आजमपुर दहपा गांव निवासी मुजाहिद (45) और सलीम अख्तर (48) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी दोस्त बताए जा रहे हैं और साथ में ईंट भट्ठे का कारोबार करते हैं। पुलिस के मुताबिक, मुजाहिद पिलखुवा का हिस्ट्रीशीटर है। एसीपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि कार नंबर और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ा गया और कार भी बरामद कर ली गई है।
इस घटना ने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता के अनुसार, आरोपी उसे दो बार मसूरी थाने के सामने से लेकर गुजरे। रास्ते में पुलिस चौकियां भी मिलीं और पुलिसकर्मी भी दिखाई दिए, लेकिन किसी ने कार को रोकने की कोशिश नहीं की। पीड़िता ने बताया कि रास्ते में आरोपी एक मेडिकल स्टोर पर रुके और कुछ दवाएं खरीदीं।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे एक सुनसान रास्ते पर बने फार्म हाउस में भी ले गए थे। वहां मौजूद गार्ड ने गेट खोला था। पीड़िता की मां ने पुलिस से फार्म हाउस के मालिक और गार्ड की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है।
पीड़िता की मां ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को गोद लिया था। उन्होंने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। वहीं, मां ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की। उनका कहना है कि चार दिन बाद मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई थी और कुछ तथ्यों के सत्यापन के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।