गाज़ियाबाद

Ghaziabad Encounter: एनकाउंटर में मारा गया इनामी बदमाश! मां बोलीं- 30 साल से घर नहीं आया बेटा, शरीर में लगी गोलियों..

Ghaziabad Encounter News: गाजियाबाद में पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश बलराम ठाकुर मारा गया। पोस्टमार्टम कड़ी सुरक्षा में हुआ। मां ने कहा बेटा 30 साल से घर नहीं आया और छोटे बेटे नीरज को पुलिस द्वारा उठाए जाने का आरोप लगाया।
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Ghaziabad Encounter: एनकाउंटर में मारा गया इनामी बदमाश! Image Source - 'X'

Ghaziabad police encounter gangster balram thakur: गाजियाबाद में शनिवार रात हुई पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश बलराम ठाकुर ढेर हो गया। बलराम पर व्यापारियों से रंगदारी मांगने और अपराध की लंबी सूची का आरोप था। रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एमएमजी जिला अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम कराया गया।

शव का कराया एक्स-रे

बलराम के शरीर में लगी गोलियों की स्थिति और संख्या का पता लगाने के लिए शव को एक्स-रे जांच के लिए भेजा गया। देर शाम तक आवश्यक जांच पूरी कर शव को परिवार वालों को सौंप दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और परिजन पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद रहे।

30 साल से घर नहीं आया बेटा

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बलराम की मां श्रमवती ने मीडिया से बात करते हुए भावुक होकर कहा कि उनका बेटा 30 साल से घर नहीं आया था। वह कभी-कभी फोन पर बात कर लेता था, लेकिन सालों से आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई थी। श्रमवती ने यह भी दावा किया कि बलराम ने कोई अपराध नहीं किया और वह ‘बॉस की तरह’ जीवन जी रहा था।

छोटे बेटे को पुलिस ने उठाया- मां का आरोप

बलराम की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके छोटे बेटे नीरज को तीन दिन से उठाकर रखा है। श्रमवती ने बताया कि काफी मिन्नतों के बाद उन्हें सिहानी गेट थाने में नीरज से मिलने दिया गया। उन्होंने कहा कि शनिवार रात आठ बजे उन्हें बलराम के एनकाउंटर की सूचना दी गई।

परिवार और रिश्तेदारों की प्रतिक्रिया

बलराम के परिवार में दो भाई और दो बहनें हैं। उसकी एक बहन शाहदरा और दूसरी अलीगढ़ के छर्रा क्षेत्र में रहती है। छोटा भाई नीरज मां के साथ जहांगीराबाद में रह रहा था। बलराम के भतीजे ललित ठाकुर ने कहा कि उन्होंने अपने चाचा को कभी देखा ही नहीं। वहीं पड़ोसियों ने भी बताया कि कई सालों से उन्होंने बलराम को मोहल्ले में नहीं देखा था।

पुलिस का बयान

एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बलराम के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में शव को परिजन को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।