गाज़ियाबाद

Midday Meal: 1.48 करोड़ बच्चों को मिला दिवाली गिफ्ट, योगी सरकार की योजना से किसानों की बल्ले-बल्ले

Midday Meal: योगी सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में मिलने वाले मिड डे मील का मीनू बदल दिया है। इससे अब जहां बच्चों को पौष्टिक आहार मिलेगा। वहीं मोटा अनाज उगाने वाले किसानों की आमदनी भी बढ़ जाएगी।

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बल्ले बल्ले! मिड डे मील का मीनू बदला, 1.48 करोड़ बच्चों के साथ खिल उठे किसानों के चेहरे

Midday Meal: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने स्कूली बच्चों का स्वास्‍थ्य बेहतर रखने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई के दौरान मिलने वाले मिड डे मील का मीनू बदला गया है। योगी सरकार के इस फैसले से स्कूलों में बच्चों के साथ ही मोटा अनाज उगाने वाले किसानों की भी बल्ले-बल्ले हो गई है। योगी सरकार के निर्णय के अनुसार अब स्कूलों में बच्चों को बाजरे और रामदाने के लड्डू के साथ गुड़ और तिल के लड्डू खिलाए जाएंगे। साथ ही भुना चना, मूंगफली की चिक्की और गजक भी बच्चों को परोसी जाएगी। इससे चना, बाजरा, मूंगफली, गन्ना और तिल उगाने वाले किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।

मोदी और योगी सरकार मिलकर खर्च करेगी 95 करोड़ रुपये

प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील का मीनू बदलने में मोदी सरकार भी यूपी सरकार की मदद करेगी। इस फैसले का उत्तर प्रदेश के 1.57 लाख परिषदीय प्राथमिक और प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 1.48 करोड़ बच्चों को लाभ मिलेगा। इसके तहत अब बच्चों को हर गुरुवार को स्पेशल भोजन देने की व्यवस्‍था की जाएगी। यूपी सरकार फिलहाल इस पर 95 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसमें मोदी सरकार की 57 करोड़ और योगी सरकार की 38 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी है।

किसानों की आय बढ़ने के साथ सुधरेगी बच्चों की सेहत

योगी सरकार की ओर से जारी प्रेसनोट के मुताबिक इस फैसले का सबसे ज्यादा लाभ मोटा अनाज उगाने वाले किसानों को होगा। प्राथमिक स्कूलों में मोटे अनाज की मांग बढ़ने से किसानों को वाजिब दाम मिलेंगे। इसके साथ ही बच्चों की सेहत में भी सुधार दिखेगा। शासन से जुड़े एक अधिकारी की मानें तो योगी सरकार ने ये फैसला प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत को लेकर लिया है। मिड डे मील में मोटे अनाज से बने व्यंजन शामिल करने से बच्चों में प्रोटीन और आयरन की कमी दूर होगी।

जानिए किस अनाज में क्या खास?

मूंगफली: इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और फैट मिलता है। इसमें इनकी उपलब्धता क्रमशः 25 और 50 फीसद की होती है। इसके अलावा 10 फीसद फाइबर,विटामिन ई, मैग्नीशियम: मूंगफली में मैग्नीशियम, पोटैशियम,आयरन, जिंक और कॉपर भी होता है।

चना: अन्य दलहनी फसलों की तरह चना भी प्रोटीन का अच्छा सोर्स है। इसमें चने में लगभग 19 फीसद प्रोटीन होता है। इसके अलावा 10 फीसद फाइबर, 2 फीसद फैट, विटामिन बी 6 मैग्नीशियम, चने में मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन, जिंक और कॉपर मिलता है।

रामदाना: इसमें भी करीब 20 फीसद प्रोटीन होता है। प्रोटीन के अलावा इसमें, फाइबर, फैट, विटामिन बी6, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक, कॉपर और आयरन मिलता है।

बाजरा: इसमें करीब 12-15 फीसद प्रोटीन होता है। यह आयरन का अच्छा सोर्स है। उम्र, लिंग और स्वास्थ्य के अनुसार सबको प्रति दिन अलग अलग मात्रा में आयरन की जरूरत होती है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को अधिक आयरन की जरूरत होती है। प्रति 100 ग्राम बाजरे में लगभग 4-5 मिलीग्राम आयरन होता है। इसके अलावा बाजरे में फाइबर, फैट, विटामिन बी6, मैग्नीशियम, आयरन, जिंक और कॉपर भी होता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

अपोलो अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तृप्ति दूबे के अनुसार आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया आम है। खासकर किशोर उम्र की लड़कियां और गर्भवती महिलाओं में। इनको इस तरह के अनाज और फल, सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है। इसी तरह मांसपेशियों के निर्माण में प्रोटीन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह शरीर में होने वाले टूट फूट को भी रिपेयर करता है। हर उम्र के लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण है। बावजूद इसके 2020 में हुए एक सर्वे के मुताबिक करीब तीन चौथाई भारतीयों में प्रोटीन की कमी है। योगी सरकार के इस फैसले से बच्चों और की सेहत पर दूरगामी असर पड़ेगा। साथ ही विविधिकरण के जरिए खेतीबाड़ी का भी कायाकल्प होगा।

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