गाज़ियाबाद

सैकड़ों झुग्गियों में लगी भीषण आग, दमकल की 8 गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

गाजियाबाद के भोपुरा इलाके में भीषण आग से सैकड़ों झुग्गियां जलकर राख, दमकल विभाग की 8 गाड़ियां ने मौके पर पहुंचकर कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. थाना साहिबाबाद के भोपुरा इलाके में शनिवार देर रात अचानक उस वक्त भगदड़ मच गई। जब वहां सैकड़ों झुग्गियों में भीषण आग लग गई। शुरुआती दौर में लोगों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते आग ने बड़ी संख्या में झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। आनन-फानन में इसकी सूचना दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ी आठ गाड़ियों ने कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

फायर ऑफिसर सुशील कुमार ने बताया कि थाना साहिबाबाद इलाके के भोपुरा स्थित कोयल एन्क्लेव में सैकड़ों झुग्गियां हैं, जिनमें मजदूर लोग अपने परिवार के साथ जीवन यापन करते हैं। शनिवार देर रात अचानक इन झुग्गियों में आग लग गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में झुग्गियों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। इसकी सूचना स्थानीय पुलिस के द्वारा दमकल विभाग की टीम को मिली। सूचना के बाद साहिबाबाद, शहर कोतवाली और इंदिरापुरम इलाके से दमकल गाड़ियां बुलाई गईं और वह खुद दमकल विभाग की आठ गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चारों तरफ से आग पर काबू पाया गया।

अब खुले आसमान के नीचे जीने को मजबूर

उन्होंने बताया कि गनीमत रही कि कोई भी इस दौरान हताहत नहीं हुआ है, लेकिन मजदूरों का झुग्गियों में रखा सामान जलकर राख हो गया है। फिलहाल आग लगने का कारण अभी साफ नहीं हो सके हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कुछ झुग्गियों में मजदूरों के परिवार मौजूद थे, जो सोए हुए थे और कुछ झुग्गियों में मजदूर खाना बना रहे थे। हो सकता है खाना बनाते वक्त एक झुग्गी में आग लगी और वह आग अन्य झुग्गियों तक पहुंच गई हो। उन्होंने बताया कि जैसे ही आग लगनी शुरू हुई तो वहां मौजूद झुग्गियों में सभी लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन वह लोग अपना सामान नहीं निकाल पाए। बहरहाल इन मजदूरों पर कहर टूटा है और सामान भी जलकर राख हो गया है। सभी मजदूरों को अपने परिवार के साथ अब खुले आसमान के नीचे ही रहना पड़ रहा है।

Published on:
11 Apr 2021 10:40 am
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