गाज़ियाबाद

दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा के बाद पलायन के लिए उमड़ी प्रवासी मजदूरों की भीड़

आनंद विहार और कौशांबी बस डिपो पर प्रवासी मजदूरों की भीड़ का पलायन शुरू, पिछली साल की तरह खराब हो सकते हैं हालात
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Updated: 19 Apr 2021, 5:34 PM IST
Migrant labour exodus
Migrant labour exodus after lockdown announced in Delhi

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. दिल्ली में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाए जाने की घोषणा के बाद गाजियाबाद के कौशांबी बस डिपो पर अचानक से भीड़ उमड़ आई। प्रवासी मजदूर अपने घर लौटने के लिए लगातार बस डिपो पर पहुंचने लगे हैं। प्रवासी मजदूरों को डर है कि कहीं लॉकडउन की सीमा आगे ना बढ़ा दी जाए। जिस तरह से एकाएक आनंद विहार और कौशांबी बस डिपो पर प्रवासी मजदूरों की बड़ी संख्या देखी जा रही है। उससे लगता है कि कहीं पिछले साल की तरह हालात संभालना मुश्किल ना हो जाए।

गाजियाबाद के आनंद विहार और कौशांबी बस डिपो पर बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर पहुंचने लगे हैं। ये वे लोग हैं जो दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में रहकर परिवार के लिए दो वक्त की रोटी के लिए मेहनत मजदूरी कर रहे थे। जैसे ही दिल्ली में लॉकडउन की घोषणा हुई तो इन सभी लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। बताते चलें कि देशभर में कोविड-19 संक्रमण लगातार फैलता जा रहा है। खासतौर से दिल्ली में बड़ी संख्या में कोविड-19 संक्रमण ने लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। उधर, मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अब अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। इतना ही नहीं अस्पतालों में इस वक्त बेड भी मौजूद नहीं है। ऑक्सीजन की भी कमी बताई जा रही है। वहीं, सरकार इसे फैलने से रोकने के उद्देश्य से तमाम तरह की योजनाओं पर कार्य कर रही है। तमाम इलाकों को सैनिटाइज किया जा रहा है।

तमाम तरह की सावधानी बरते जाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उसके बावजूद भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ज्यादा हालात खराब ना हो इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल कि एलजी के साथ एक बैठक कर एक हफ्ते के संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। जिसके बाद से दूरदराज के लोग बेहद परेशान हैं और उन्होंने अब पलायन शुरू कर दिया है। इन सभी लोगों ने बताया कि उन्हें डर है कि जिस तरह से कोविड-19 संक्रमण लगातार फैल रहा है। यदि हालात और ज्यादा खराब हुए तो लॉकडाउन की सीमा भी बढ़ाई जा सकती है। जिसके बाद इन सभी लोगों को अपना परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इसलिए उन्होंने अब अपने पैतृक स्थान पर जाना शुरू कर दिया है।

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