गाज़ियाबाद

एक दिन में श्मशान पर पहुंचे 48 शव, अंतिम संस्कार को 8 घंटे तक का इंतजार, अब बनेगा एक और शव दाह गृह

मंगलवार शाम चार बजे तक लगभग करीब 48 शव हिंड़न श्मशान पहुंचे। उनमें से लगभग 16 कोरोना संक्रमित थे। कोरोना से मृत लोगों के शवों का अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह में किया जा रहा है।
2 min read
• •
Updated: 21 Apr 2021, 1:42 PM IST
ghaziabad.jpg

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

गाजियाबाद। जनपद में हिंड़न नदी पर बने श्मशान घाट पर दोबारा से शवों की लंबी कतार दिखाई देने लगी है। मंगलवार को अंतिम संस्कार करने के लिए लोगों को करीब 8 घंटे की वेटिंग रही। यहां पर कोविड-19 संक्रमण से मौत होने वाले लोगों का अंतिम संस्कार के लिए अलग व्यवस्था की गई है, यानि ऐसे शवों का अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह के अंदर किया जा रहा है। लेकिन इन दिनों अचानक ही श्मशान घाट पर शवों की संख्या बढ़ गई है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अब नगर निगम ने एक और शव दाह गृह बनाने की योजना तैयार की है, जो कि सीएनजी से संचालित रहेगा।

हिंडन मोक्ष स्थली पर प्रबंधक के रूप में कार्यरत आचार्य मनीष शर्मा ने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे तक लगभग करीब 48 शव आ चुके थे। उनमें से लगभग 16 कोरोना संक्रमित थे। कोरोना संक्रमण के कारण ऐसे शवों का अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह में किया जा रहा है। इसलिए लंबी कतार लग रही है। वहीं नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि निगम ने शवदाह गृह के लिए वैकल्पिक योजना भी बनाई है। बहुत जल्द नगर निगम बोर्ड में वैकल्पिक शवदाह गृह बनाने के प्रस्ताव को पेश किया जाएगा। प्रस्ताव पास होते ही इस मुहिम पर काम शुरू हो जाएगा।

बता दें कि वर्तमान में जो शव दाह गृह है, जिसका लगातार प्रयोग होने के कारण आए दिन तकनीकी खामियां आ रही हैं। इसीलिए निगम ने विकल्प के रूप में एक और शवदाह गृह बनाने का निर्णय किया है। बताया जा रहा है कि सीएनजी से संचालित होने वाले इस शव दाह गृह में खर्च भी कम आएगा और इससे लोगों को इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।

Published on: