गाज़ियाबाद

डीजल-पेट्रोल के दामों को साधा तो बढ़ने लगी पीएनजी की कीमतें, पांच महीने में बढ़ गए 10 रुपये से ज्यादा

एक तरफ जहां डीजल और पेट्रोल की कीमतों को रोकने में सरकार हाफ रही हैं और आम जनता परेशान है। वहीं दूसरी ओर अब पीएनजी ने आंख दिखानी शुरू कर दी है। पिछले पांच महीने में पीएनजी यानी (पाइप्ड नैचुरल गैस) पर 10 रुपये से ज्यादा बढ़ गए हैं। जिसके चलते करीब 600 उद्योगों पर इसकी मार पड़ी है और इन पर 10 करोड़ का बोझ बढ़ गया है।

2 min read

गाजियाबाद. पेट्रोल और डीजल के बाद अब पीएनजी (पाइप्ड नैचुरल गैस) की कीमतों ने व्यापारियों की आफत बढ़ा दी है। पीएनजी की बढी कीमतों से जिले के 600 उद्योगों पर 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। उत्पादन की दरें बढ़ने से उद्यमी परेशान हैं। पिछले पांच महीने में पीएनजी पर 10 रुपये बढ़ गए हैं। उद्यमियों का कहना है कि कच्चे माल के बाद पीएनजी के मूल्य में लगातार बढ़ोत्तरी से व्यापार में काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने जिले में 400 उद्योगों को पीएनजी का कनेक्शन दिया है। कुछ ऐसी हैं उद्योग भी है जो कि इन्हीं कनेक्शन से कनेक्ट होकर अपना कारोबार चला रही हैं। कुल मिलाकर जिले में 600 उद्योग पीएनजी पर आधारित हैं। कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में 40 से 45 उद्योग इकाईयां पीएनजी पर आश्रित हैं। इनमें सेनेट्री उत्पाद, इंडस्ट्रियल केमिकल, हार्डवेयर और पैकिंग मैटेरियल की इकाइयां अधिक हैं। ये सभी पीएनजी पर आधारित होकर चल रही हैं। बीते मई से लेकर सितंबर तक पीएनजी के मूल्य में हर महीने बढ़ोत्तरी हुई है। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के मुताबिक पांच महीनों में 35 से 40 फीसदी तक पीएनजी के दाम बढ़ गए हैं। वर्तमान में उद्यमियों को पीएनजी कनेक्शन के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

एक दिन 1 लाख 35 हजार किलो गैस की खपत

जिले में पीएनजी संचालित उद्योगों में प्रतिदिन एक लाख स्टैंडर्ड क्यूबेक मीटर पीएनजी की सप्लाई है। हर दिन एक लाख 35 हजार किलो पीएनजी 400 उद्योगों को आईजीएल से सप्लाई होती है। हर महीने 40 लाख 50 हजार किलो पीएनजी से उत्पादन किया जा रहा है।

पीएनजी के साथ इस तरह बढ़ा उद्योगों पर बोझ

महीना पीएनजी का रेट प्रति किलो उद्योगों पर बढ़ा बोझ करोड़ों में

मई 34.91 14.13 करोड़

जून 36.79 14.89 करोड़

जुलाई 39.19 15.87 करोड़

अगस्त 44.01 17.82 करोड़

सितंबर, अक्टूबर 47.32 19.16 करोड़

बोले पीएनजी प्रयोग करने वाले उद्यमी

रवि जिनकी फैक्टरी में बाथरूम टब बनाए जाते हैं उनका कहना है कि पीएनजी का पहले बिल 70 से 80 हजार रुपये आता था। अब एक लाख रुपये से अधिक आ रहा है। उत्पादन की कीमत लगातार बढ़ रही है, लेकिन बाजार से बढ़े हुए रेट पर माल खरीदने को कोई तैयार नहीं है। हार्डवेयर उत्पादन करने वाले उद्यमी कैलाश ने कहा कि कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर एनजीटी के प्रतिबंध के बाद पीएनजी कनेक्शन लिया, जो अब काफी महंगा पड़ रहा है।

Published on:
12 Nov 2021 02:34 pm
Also Read
View All