
गाजियाबाद. गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम क्षेत्र में एक सीए के घर में काम करने वाली नौकरानी ने पांच महीने में धीरे—धीरे 22.8 लाख रुपये कैश और दो लाख के जेवर पार कर दिए। बता दें कि नौकरानी ने इतनी बड़ी रकम एक दिन में नहीं, बल्कि करीब पांच माह में छोटी—छोटी रकम के रूप में चोरी की थी। सीए अभिषेक माथुर को जब शक हुआ तो उन्होंने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए, जिसके बाद नौकरानी की इस करतूत का खुलासा हुआ। नौकरानी के ठिकाने पर पुलिस के छापे की सूचना की भनक लगने पर नौकरानी कैश व जेवर लेकर भाग रही थी, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल, इंदिरापुरम स्थित कृष्णा अपरा सैफायर सोसाइटी में सीए अभिषेक माथुर अपने परिवार के साथ रहते हैं। सीओ धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि उनके पास आए दिन कंपनियों का पैसा आता रहता है। इस पैसे को वे अलमारी में रखते हैं। लेकिन, करीब पांच माह से जब भी अलमारी से पैसा वापस निकालते तो उसमें 10 से 50 हजार रुपये कम मिलते थे। लगातार रुपया कम होने लगा तो उन्होंने घर के कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। इसके बाद जब पिछले शुक्रवार को नौकरानी सुमन चोरी करते हुए कैमरे में कैद हुई तो परिवार को विश्वास नहीं हुआ।
अगले ही दिन शनिवार को जब सुमन अलमारी से पैसा चोरी करते हुए फिर से कैमरे में कैद हो गई तो अभिषेक माथुर ने सोमवार को एफआईआर दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने नौकरानी के घर में छापा मारा तो पता चला कि वह घर से कुछ देर पहले ही निकली है। लिहाजा पुलिस ने घेराबंदी करके घर से कुछ ही दूरी पर सुमन को धर दबोचा। वह प्रताप विहार की चरन सिंह कालोनी में रहती थी। पुलिस की और सीए परिवार की आंखे उस समय खुली रह गई जब उन्होंने देखा नौकरानी के पास से 22.80 लाख कैश और दो लाख के जेवरात बरामद हुए हैं। पुलिस का भी साफतौर पर कहना है कि अगर आप भी नौकरों की वेरिफिकेशन नहीं करवाएंगे तो यह आपके लिए भी खतरनाक हो सकता है। जैसा कि इस मामले में हुआ।