Ghaziabad news: गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में 12वीं के छात्र ने पिता की पढ़ाई को लेकर डांट के बाद कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार ने सुबह कमरे का दरवाजा तोडकर शव बरामद किया, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और जांच जारी है।
Ghaziabad news:क्या आपने कभी सोचा है कि आप अपने बच्चों से पढ़ाई के लिए कहें और वे इस बात से इतने खफा हो जाएं कि आत्महत्या करने तक को तैयार हो जाएं? ज़रा सोचिए, 12वीं जैसी बोर्ड परीक्षा पास करने को लेकर किसे चिंता नहीं होती। जाहिर-सी बात है कि माता-पिता भी इसी चिंता के कारण डांटते हैं कि पढ़ाई कर लो, ताकि परीक्षा में अच्छे नंबरों से पास हो जाओ। बस इतनी-सी बात को लेकर कोई इतना बड़ा कदम तो नहीं उठा सकता कि अपनी जान ही कुर्बान कर दे। लेकिन गाजियाबाद से इसी तरह की एक दर्दनाक घटना में सामने आई है, जहां एक पिता ने रात को बेटे को पढ़ाई करने के लिए डांट लगाई और उसका अंजाम यह निकला कि सुबह जब घर वालों ने जगाने के लिए दरवाजा खटखटाया, तो बेटा फंदे पर लटका मिला।
गाजियाबाद जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। इंदिरापुरम थाना इलाके के कनावनी में शुक्रवार सुबह 12वीं के छात्र का शव फंदे से लटका मिला। छात्र के कमरे से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। हालांकि, ये बात सामने आई है कि गुरुवार को पति ने पढ़ाई के लिए उसे टोका था। इसी कारण उसने गुस्से में जान दे दी।
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक के पिता कनावनी निवासी संतोष कुमार कैब ड्राइवर हैं। उनके परिवार में पत्नी मिथिलेश और तीन बेटे थे, जिनमें सबसे बड़ा बेटा रिशु और छोटा बेटा यश हैं। तीसरा बेटा 18 वर्षीय नितिन 12वीं का छात्र था, जिसकी शुक्रवार को मौत हो गई। पुलिस को शुरुआती बातचीत में पता चला कि गुरुवार की रात संतोष कुमार ने आगामी बोर्ड परीक्षा और पढ़ाई को लेकर टोका था। इसके बाद सभी अपने-अपने कमरे में जाकर सो गए।
शुक्रवार सुबह जब घर वालों ने नितिन को जगाने के लिए दरवाजा बजाया और कई आवाजें दी, लेकिन नितिन ने कोई जवाब नहीं दिया। तब दरवाजे को तेज धक्का देकर खोला तो देखा कि नितिन सामने फंदे से लटका हुआ है। यह दर्दनाक मंजर देखकर परिवार वालों की सांसें थम गईं। अचानक से परिवार में हड़कंप मच गया। जल्दी से नितिन को फंदे से उतारकर पास के ही निजी अस्पताल ले गए। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसीपी ने बताया कि कमरे से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस जब अस्पताल पहुंची तो परिजनों ने पोस्टमार्टम से साफ इनकार कर दिया, लेकिन पुलिस के समझाने के बाद वे इसके लिए राजी हुए। परिवार का सबसे छोटा बेटा होने के कारण नितिन पूरे परिवार का लाडला था। आत्महत्या करने के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।