
Surya Murder Case: गाजियाबाद के खोड़ा में हुए सूर्या हत्याकांड को पांच दिन हो चुके हैं लेकिन फिर भी माहौल शांत नहीं हुआ है। मामले में मुख्या आरोपी के एनकाउंटर के बाद अब उसके घर पर नोटिस चिस्पा दिया गया है। मामले की जांच पड़ताल के दौरान उसके घर से संबंधित कागजों में अनिश्चितता मिली जिसके बाद उन्हें नोटिस चिपकाकर 15 दिन में जवाब देने का समय दिया है। इसी बीच असद के पडोसियों ने उसकी पोल खोल दी है और उसके व्यवहार लेकर आरोप भी लगाए हैं।
नाबालिग के पड़ोसी ने बताया कि आरोपी का चाल-चलन काफी समय से ठीक नहीं था। उनका कहना है कि वह अक्सर गलत लोगों के साथ घूमता था और मोहल्ले में उसकी अच्छी इमेज नहीं थी। जावेद के अनुसार वह नशा करता था और आए दिन किसी न किसी तरह का हंगामा करता रहता था। उन्होंने कहा कि सूर्या के साथ जो हुआ, वह बहुत दुखद है और इस घटना ने पूरे इलाके के लोगों को हिला कर रख दिया है। जावेद ने इस हत्या को बहुत गलत और शर्मनाक बताया।
आगे उन्होंने कहा कि मुसलमान ये सोच रहे हैं कि योगी बाबा की सरकार में उनके साथ कुछ नहीं होगा, तो अब वो देखलें कि क्या हो रहा है। जो भी गलत करने का सोचेगा भी, योगी बाबा उसे सीधा ऊपर पहुंचाने की तैयारी में हैं। वहीं आगे उन्होंने हिदुओं को अपनी सेफ्टी के लिए जेब में तलवार रखेने के लिए कहा और साथ ही ये भी बोले कि जो लोग अपराधियों के पक्ष में बोल रहे हैं, उनके खिलाफ भी मुकदमा दायर हो जाना चाहिए।
जावेद खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के बीच कानून का डर साफ दिखाई देता है। उनका दावा है कि कई पुराने बदमाश और कैदी जेल से बाहर आने से भी घबराते हैं। जावेद के अनुसार, उन्हें लगता है कि बाहर पुलिस और प्रशासन की सख्ती का सामना करना पड़ेगा, इसलिए वे जेल के अंदर खुद को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सूर्या हत्याकांड में शामिल बाकी आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी के एनकाउंटर के बाद अब उसके मकान पर भी प्रशासन की नजर पड़ गई है। सोमवार को प्रशासनिक टीम नवनीत विहार पहुंची और असद के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया। इस दौरान लाउडस्पीकर और ढोल-नगाड़ों के जरिए पूरे इलाके में मुनादी कर लोगों को कार्रवाई की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अगर 15 दिन के भीतर जरूरी जवाब या दस्तावेज नहीं दिए गए तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि संपत्ति के कागजात अब भी आरोपी के पिता के नाम दर्ज हैं।
आपको बता दें कि बकरीद के दिन गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में असद और सूर्या के बीच में बाइक चलाने को लकेर विवाद हो गया था। इसके बाद आरोपी ने बदला लेने के लिए पूरी प्लानिंग की और सूर्या को बाहने से बुलाकर चाकू से कई बार वार किए। इतनी बेरहमी से वार होने के बाद वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा तो आरोपी और उसके दोस्तों को लगा कि वह मर गया है और वह मौके से फरार हो गए। उसके बाद घायल सूर्या को हॉस्पिटल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।