
गाजियाबाद। अब अगर आपको अपनी गाड़ी के लिए वीआईपी (VIP) नंबर चाहिए तो जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) परिवहन विभाग की तरफ से वीआईपी नंबरों की रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ा दी गई है। गाड़ी के ऐसे नंबरों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
फीस देकर ही शामिल हो सकते हैं ऑनलाइन बोली में
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग (Uttar Pradesh Transport Department) ने वीआईपी (VIP) नंबरों की बढ़ती डिमांड को देखते हुए पंजीकरण शुल्क को बढ़ा दिया है। अभी तक इसके लिए वाहन मालिक को पांच हजार रुपये देने पड़ते थे। इसके बाद ही वे वीआईपी नंबरों की बोली में शामिल हो सकते थे। अब वाहन मालिक को ऐसे नंबर के लिए एक लाख रुपये एडवांस देने पड़ेंगे। रजिस्ट्रेशन के बाद ही वाहन मालिक ऑनलाइन बोली की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
बाइक मालिक को देने होंगे 20 हजार रुपये
एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत प्रताप सिंह ने बताया कि वीआईपी नंबरों का पंजीकरण शुल्क बढ़ा दिया गया है। पहले कार स्वामी को ऐसे नंबरों के रजिस्ट्रेशन के लिए पांच हजार रुपये देने पड़ते थे। अब इसको बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, बाइक मालिक को रजिस्ट्रेशन के लिए 20 हजार रुपये देने होंगे। ऑनलाइन बोली के बाद इस रजिस्ट्रेशन फीस को कम दिया जाता है। इन नंबरों को भी चार वर्गों में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा अति आकर्षण नंबरों का पंजीकरण मूल्य है।