गाजीपुर

कोडीन कफ सीरप तस्करी केस में बड़ा अपडेट! 25 हजार के इनामी सरगना शुभम सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर

Big Update In Codeine Cough Syrup Smuggling Case: कोडीन कफ सीरप तस्करी मामले में बड़ा अपडेट समाने आया है। 25 हजार के इनामी सरगना शुभम सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।

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May 07, 2026
कोडिन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में अपडेट।, Source- Patrika

Big Update In Codeine Cough Syrup Smuggling Case: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (Ghazipur) में चर्चित कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में एक और अहम मोड़ सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल शुभम सिंह ने गुरुवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। लंबे समय से फरार चल रहे शुभम पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके सरेंडर के बाद अब इस हाईप्रोफाइल मामले में गिरफ्तार और सरेंडर करने वाले आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि अभी भी 2 आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।

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ADJ कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

मुख्य आरोपी शुभम सिंह ने NDPS एक्ट के विशेष न्यायाधीश एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में सरेंडर किया। इससे पहले इसी मामले में 2 अन्य आरोपी दयाराम सिंह कुशवाहा और राहुल कुमार यादव भी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस पहले ही सर्वांश वर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

6 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा

कोडीन कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी के इस मामले में औषधि निरीक्षक बृजेश मौर्या की शिकायत पर कुल 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इन आरोपियों में मेसर्स अंश मेडिकल एजेंसी के अमित कुमार सिंह, शुभम फार्मा के निलेश कुमार श्रीवास्तव, नित्यांश मेडिकल एजेंसी के शुभम सिंह, मौर्या मेडिकल स्टोर के दयाराम सिंह कुशवाहा, स्वास्तिक मेडिकल एजेंसी के संचालक सर्वांश वर्मा तथा राधिका मेडिकल एजेंसी के राहुल कुमार यादव शामिल हैं।

7.82 लाख बोतलों का हिसाब नहीं मिला

जांच के दौरान सामने आया कि इन मेडिकल फर्मों ने रिकॉर्ड में करीब 7.82 लाख बोतल कोडीन कफ सिरप की खरीद-बिक्री दिखाई थी। चौंकाने वाली बात यह रही कि संबंधित गोदामों में इतनी बड़ी मात्रा में कोई स्टॉक नहीं मिला। एक बोतल की कीमत लगभग 150 रुपये बताई गई है। ऐसे में करोड़ों रुपये के इस कथित अवैध कारोबार ने प्रशासन और पुलिस दोनों को सतर्क कर दिया। मामले के खुलासे के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया था।

सबसे पहले हुई थी सर्वांश वर्मा की गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले स्वास्तिक मेडिकल एजेंसी के संचालक सर्वांश वर्मा को गिरफ्तार किया था। वह वाराणसी के पहड़िया संजय नगर क्षेत्र का निवासी बताया गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद बाकी आरोपियों की तलाश तेज हुई, लेकिन लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने पांच फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।

गैर जमानती वारंट भी हुआ था जारी

पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई के बावजूद आरोपी सामने नहीं आए तो न्यायालय ने 17 फरवरी को सभी फरार आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद दबाव बढ़ने पर एक-एक कर आरोपी अदालत पहुंचकर सरेंडर करने लगे।

अब दो आरोपियों की तलाश जारी

फिलहाल इस चर्चित मामले में 2 आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमों को लगाया गया है और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। कोडीन कफ सिरप तस्करी के इस मामले ने जिले में मेडिकल कारोबार और दवाओं की सप्लाई व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और औषधि विभाग अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं।

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