Samajwadi Party Leaders Pelted with Stones: समाजवादी पार्टी के नेताओं पर पथराव के बाद बवाल देखने को मिला। जानिए ये पूरा मामला है क्या?
Samajwadi Party Leaders Pelted with Stones: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब समाजवादी पार्टी (सपा) का एक प्रतिनिधिमंडल एक पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचा। स्थानीय लोगों ने उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और जमकर पथराव शुरू हो गया।
यह पूरा विवाद 15 अप्रैल को सामने आए एक सनसनीखेज मामले से जुड़ा है। 16 वर्षीय किशोरी निशा विश्वकर्मा का शव जमानिया पुल के पास नदी में मिला था। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह हत्या का मामला है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल बना हुआ था।
बुधवार को सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने कटरिया गांव पहुंचा था। हालांकि, गांववालों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी और गांव के बाहर ही रोक लिया। इसके विरोध में सपा नेता वहीं धरने पर बैठ गए, जिससे माहौल और ज्यादा गरमा गया।
शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और जुबानी बहस हुई, लेकिन जल्द ही यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। देखते ही देखते दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना स्थल पर मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया।
इस झड़प में कई सपा नेता घायल हो गए। घायलों में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, जंगीपुर से विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, रीना यादव और बिंदुबाला बिंद शामिल हैं। सभी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
निशा विश्वकर्मा की हत्या के बाद से ही गांव में माहौल संवेदनशील बना हुआ था। ऐसे में राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस और प्रशासन अब पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है, लेकिन हालात को काबू में करने की कोशिश जारी है।