
Om Prakash Rajbhar: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर साझा की गई। उनकी पोस्ट में उन्होंने सपा और उसके नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर राजभर को भी यूजर्स की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट साझा कर समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजभर ने अपनी पोस्ट की शुरुआत "अखिलेश भैया, सुबह की राम-राम" से करते हुए सवाल किया कि क्या सपा के नेताओं को गरीबों, पिछड़ों और दलितों को परेशान करने में आनंद आता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में होने वाली कई आपराधिक घटनाओं की जांच में सपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं।
अपने पोस्ट में राजभर ने आजमगढ़ के लालगंज से सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेते हुए उन पर एक दलित महिला की जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि मोहनपुर पटवास गांव की रहने वाली गीता सरोज की जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा किया गया है। साथ ही आरोप लगाया कि सांसद के परिजनों द्वारा धमकी, गाली-गलौज और दबाव बनाकर जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।
राजभर ने यह भी दावा किया कि करीब 50 बीघा जमीन और तालाब पर कब्जा कर वहां फार्म हाउस बनाया गया है। तथा परिसर के चारों ओर करंट वाले तार लगाए गए हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से ऐसे नेताओं पर कार्रवाई करने की मांग की। पोस्ट के अंत में राजभर ने तंज कसते हुए लिखा कि वह चाहते हैं कि अगले चुनाव के बाद प्रदेश में एक मजबूत विपक्ष हो, लेकिन इसके लिए सपा को अपनी कार्यशैली में सुधार करना होगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि पार्टी ने ऐसे नेताओं पर नियंत्रण नहीं किया तो नेता प्रतिपक्ष का पद भी खतरे में पड़ सकता है।
हालांकि, ओमप्रकाश राजभर के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, समाचार लिखे जाने तक समाजवादी पार्टी या सांसद दरोगा प्रसाद सरोज की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने राजभर की पोस्ट पर सवाल उठाते हुए उनकी आलोचना भी की है।