
राम मंदिर (फोटो- पत्रिका)
Ayodhya Ram Mandir Trust:अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने का फैसला किया है। अब ट्रस्ट हर महीने अपनी ऑडिट रिपोर्ट और महत्वपूर्ण जानकारियां आधिकारिक वेबसाइट पर साझा करेगा। इससे देश और विदेश में रहने वाले करोड़ों श्रद्धालु मंदिर की आय, खर्च, निर्माण कार्य और ट्रस्ट के फैसलों की जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत अब मंदिर से जुड़ी वित्तीय और प्रशासनिक जानकारियां नियमित रूप से ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएंगी। ट्रस्ट का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत होगा। मंदिर के संचालन को लेकर अधिक पारदर्शिता दिखाई देगी।
नई व्यवस्था के अनुसार, हर महीने मंदिर की आय और खर्च का पूरा विवरण वेबसाइट पर डाला जाएगा। इसमें श्रद्धालुओं से प्राप्त दान, विभिन्न मदों में हुए खर्च और वित्तीय स्थिति की जानकारी शामिल रहेगी। पहले ऑडिट रिपोर्ट साल में एक बार तैयार होती थी। इसे केवल ट्रस्ट की बैठकों में प्रस्तुत किया जाता था। आम लोगों को यह जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती थी।
अब श्रद्धालु घर बैठे ही यह जान सकेंगे कि मंदिर को कितनी राशि प्राप्त हुई। उसका उपयोग किन कार्यों में किया गया। ट्रस्ट को उम्मीद है कि इससे लोगों के मन में किसी प्रकार की शंका नहीं रहेगी। मंदिर की व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा। जानकारी के मुताबिक, हाल के घटनाक्रम के बाद ट्रस्ट ने अपनी सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया है। इसी के तहत वेबसाइट को एक सक्रिय सूचना मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है।
वेबसाइट पर केवल वित्तीय जानकारी ही नहीं होगी। बल्कि ट्रस्ट की बैठकों में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी भी साझा की जाएगी। इसके अलावा मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, श्रद्धालुओं के लिए शुरू की जाने वाली नई सुविधाएं और प्रमुख धार्मिक आयोजनों से जुड़ी जानकारियां भी समय-समय पर अपडेट की जाएंगी।
ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अब तक सीमित जानकारी उपलब्ध थी। मुख्य रूप से दर्शन, संपर्क और कुछ सामान्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ही वहां देखी जा सकती थी। मंदिर निर्माण से जुड़ा अंतिम बड़ा अपडेट फरवरी 2021 में साझा किया गया था। इसके बाद निर्माण कार्य लगातार आगे बढ़ता रहा। लेकिन उसकी विस्तृत जानकारी नियमित रूप से वेबसाइट पर नहीं डाली गई।
अब ट्रस्ट के इस फैसले से देश-विदेश में रहने वाले रामभक्त मंदिर की गतिविधियों से सीधे जुड़ सकेंगे। माना जा रहा है कि यह कदम मंदिर प्रबंधन को अधिक खुला और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
Updated on:
21 Jul 2026 09:31 am
Published on:
21 Jul 2026 09:31 am
