
Gonda News: गोंडा जिले के उमरी बेगमगंज क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। 12 वर्षीय सुमित बुधवार को घर लौटते समय लापता हो गया था। परिजनों ने पूरी रात उसकी तलाश की। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह गांव के तालाब में उसका शव मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के पूरेडाल करकरा गांव में एक मासूम की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। 12 वर्षीय सुमित की तालाब में डूबने से मौत हो गई। गुरुवार सुबह जब गांव के लोगों ने तालाब में एक शव उतराता देखा तो इसकी सूचना परिवार और पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान सुमित के रूप में की। यह खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
सुमित अपने माता-पिता की तीन संतानों में सबसे बड़ा बेटा था। उसकी मां रोशनी ने बताया कि बुधवार को वह गांव के पास धान की रोपाई का काम कर रही थीं। उसी दौरान पास में एक चिता जल रही थी। उन्हें लगा कि बेटा यह दृश्य देखकर डर सकता है। इसलिए उन्होंने उसे घर जाने के लिए कह दिया। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि घर की ओर बढ़ा यह मासूम कभी वापस नहीं लौटेगा।
शाम तक सुमित के घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोग परेशान हो गए। रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मदद से उसकी तलाश शुरू की गई। देर रात तक खोजबीन चलती रही। लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। पूरी रात परिवार की आंखों में नींद नहीं थी। हर किसी को उसके सुरक्षित लौटने की उम्मीद थी। गुरुवार सुबह उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया। जब करकरा तालाब में उसका शव दिखाई दिया। गांव में यह खबर फैलते ही लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार बेटे को याद कर बेसुध हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि करकरा तालाब पहले से काफी गहरा था। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के लिए यहां से मिट्टी निकाले जाने के कारण इसकी गहराई और बढ़ गई थी। उन्होंने अनियमित खुदाई को लेकर सवाल भी उठाए हैं। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक चंदन कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं, गांव में हर कोई यही कह रहा है कि एक पल में हंसता-खेलता परिवार गहरे दुख में डूब गया।