
Gonda News: गोण्डा में खराब मौसम के बाद विद्युत व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर टूटे पोल और क्षतिग्रस्त लाइनों की समीक्षा की। डीएम ने प्रभावित इलाकों में तत्काल टीमें भेजकर मरम्मत कराने और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत देते हुए अधिकारियों को लगातार निगरानी और समयबद्ध निस्तारण का निर्देश दिया।
गोण्डा में खराब मौसम के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने के बाद प्रशासन ने अब इसे दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में विद्युत आपूर्ति एवं व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। जिले के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति के साथ ही मौसम के कारण टूटे विद्युत पोल और क्षतिग्रस्त लाइनों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर सुचारू रखा जाए। जिन क्षेत्रों में खराब मौसम के कारण विद्युत पोल टूटे हैं या लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। वहां तत्काल टीम भेजकर मरम्मत का काम कराया जाए।
उन्होंने क्षतिग्रस्त पोल और लाइनों को चिन्हित कर जल्द से जल्द दुरुस्त कराने तथा प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि विद्युत व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण और निगरानी करें तथा बिजली से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारियों और संसाधनों की मदद लेकर मरम्मत कार्य में तेजी लाने को भी कहा गया है।
बैठक में जनसुरक्षा को लेकर भी खास निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि किसी गांव, बाजार या अन्य स्थान पर बिजली का पोल टूटने, तार क्षतिग्रस्त होने अथवा विद्युत आपूर्ति में समस्या आने पर लोग स्वयं उसे ठीक करने की कोशिश न करें।
अधिकारियों ने चेताया कि टूटे हुए पोल और क्षतिग्रस्त विद्युत तार को छूना जानलेवा हो सकता है। विभागीय टीम के पहुंचने तक लोग ऐसे स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विद्युत अधिकारी या नजदीकी पावर हाउस को सूचना दें। इससे करंट की चपेट में आने से होने वाली दुर्घटनाओं और जनहानि को रोका जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विद्युत व्यवस्था को पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ संचालित करते हुए शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।