
सड़क पर शव रखकर परिजन के साथ ग्रामीण कर रहे प्रदर्शन फोटो सोर्स महेंद्र तिवारी
गोंडा जिले में 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन ठीक करते समय अचानक सप्लाई आने से प्राइवेट लाइनमैन की करंट की चपेट में आने के बाद पोल से गिरकर मौत हो गई। हादसा आर्यनगर-करनैलगंज मार्ग पर लैबुडवा गांव के पास हुआ। गंभीर हालत में लाइनमैन को निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और 50 लाख रुपये मुआवजे के साथ पत्नी को नौकरी देने की मांग की।
गोंडा जिले के आर्यनगर-करनैलगंज मार्ग पर लैबुडवा गांव के पास रविवार को 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन ठीक करते समय बड़ा हादसा हो गया। अचानक बिजली सप्लाई आने से प्राइवेट लाइनमैन करंट की चपेट में आ गया और पोल से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार बिजली उपकेंद्र आर्यनगर के कौड़िया फीडर के अंतर्गत लैबुडवा गांव के पास प्राइवेट लाइनमैन सीताराम गुप्ता (35) पुत्र राम सुंदर गुप्ता बिजली के पोल पर 11 हजार वोल्ट की लाइन ठीक कर रहा था। इसी दौरान अचानक बिजली सप्लाई आ गई। करंट की चपेट में आने से सीताराम पोल से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी परिजनों के साथ बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दी। इसके बाद घायल सीताराम को इलाज के लिए जिले के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। परिजन के साथ ग्रामीणों ने कर्नलगंज आर्यनगर मार्ग पर शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों की कथित लापरवाही और मिलीभगत के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि लाइन पर काम के दौरान अचानक बिजली सप्लाई कैसे शुरू हुई। इसकी जांच होनी चाहिए। इसमें जो भी जिम्मेदार है उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिजन मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और पत्नी को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। सीताराम के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह दो भाइयों में छोटा था। उसके बड़े भाई का नाम तपसी राम है। सीताराम अपने परिवार के साथ अलग रहता था। उसकी मौत से पत्नी सुशीला देवी और तीन बच्चों अंश गुप्ता (12), आस्था (6) और रुद्र गुप्ता (4) का रो-रोकर बुरा हाल है।
Updated on:
04 Oct 2026 06:43 pm
Published on:
04 Oct 2026 06:42 pm
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