
Gonda News: गोंडा में फेसबुक चलाने वालों के लिए जरूरी खबर है। सोशल मीडिया पर दोस्त, रिश्तेदार या अधिकारी बनकर रुपये मांगने वाले साइबर ठग लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। कोई सस्ते सामान का लालच दे रहा है, तो कोई निवेश में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा। ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए गोंडा पुलिस ने 9 अक्टूबर को विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इसके साथ ही लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
फेसबुक साइबर फ्रॉड को लेकर पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। जानिए कैसे फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन शॉपिंग, नौकरी और निवेश के नाम पर ठगी होती है। साइबर ठगी से बचने के तरीके और शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर की पढ़े पूरी जानकारी। गोंडा जिले में साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने आम लोगों को फेसबुक के जरिए होने वाली ठगी के प्रति जागरूक किया। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को साइबर सेल और जिले के सभी थानों की ओर से साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें लोगों को बताया गया कि फेसबुक पर किसी परिचित के नाम से आने वाले मैसेज पर बिना जांच किए भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है।
गोंडा पुलिस के अनुसार, साइबर ठग फेसबुक पर लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाते हैं। कई बार वे किसी परिचित, रिश्तेदार या अधिकारी के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर रुपये मांगते हैं। वहीं, कुछ ठग फेसबुक पर सस्ते सामान का विज्ञापन देकर ऑनलाइन भुगतान करा लेते हैं। लेकिन सामान नहीं भेजते। इसके अलावा कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच देकर फर्जी निवेश और ट्रेडिंग में पैसे लगवाए जाते हैं। मैसेंजर पर संदिग्ध लिंक भेजकर बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, ओटीपी और पासवर्ड चुराने की कोशिश भी की जाती है। नौकरी और लोन दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस मांगना भी ठगी का एक तरीका है। कुछ मामलों में फेसबुक अकाउंट हैक करके उसके मालिक के परिचितों से रुपये मांगे जाते हैं।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि फेसबुक पर कोई परिचित रुपये मांगे तो पैसे भेजने से पहले उसे फोन करके पुष्टि जरूर करें। अपने फेसबुक अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें। मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। और न ही संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करें। अपना ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, आधार, पैन या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
फेसबुक पर सस्ते सामान, नौकरी, लोन और निवेश से जुड़े आकर्षक ऑफर देखकर तुरंत भुगतान न करें। पहले उनकी सत्यता जांचें। किसी संदिग्ध अकाउंट की जानकारी मिलने पर उसे ब्लॉक करने के साथ फेसबुक पर रिपोर्ट भी करें।
पुलिस ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है। तो उसे बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करें। साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी अपने परिवार और परिचितों के साथ साझा करें। पुलिस का संदेश साफ है कि सोशल मीडिया पर दोस्ती हो या कारोबार, बिना सत्यापन न करें विश्वास और न करें भुगतान।