
Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के 40 से अधिक किसानों को खेती के नए तरीके सीखने का मौका मिलेगा। कृषि विभाग की आत्मा योजना के तहत किसानों का दल हरियाणा के तीन प्रमुख कृषि एवं अनुसंधान संस्थानों का भ्रमण करेगा। यहां किसान उन्नत खेती, गेहूं उत्पादन, डेयरी विकास और प्राकृतिक खेती की जानकारी लेंगे। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने किसानों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
गोंडा जिले के किसानों को खेती की नई तकनीक सिखाने के लिए कृषि विभाग ने पहल की है। इसके तहत 40 से अधिक किसानों को हरियाणा भेजा गया है। किसान वहां कृषि और अनुसंधान से जुड़े तीन प्रमुख संस्थानों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान उन्हें वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, फसल उत्पादन बढ़ाने, डेयरी व्यवसाय और प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कृषि विभाग की ओर से यह कार्यक्रम सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा योजना) के तहत आयोजित किया गया है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने किसानों के भ्रमण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने सभी किसानों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस भ्रमण का उद्देश्य किसानों को खेती के नए तरीकों से परिचित कराना है, ताकि वे अपने खेतों में बेहतर तकनीकों का इस्तेमाल कर सकें। किसानों को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण से उन्हें खेती से जुड़ी नई जानकारियां मिलेंगी।
किसान भ्रमण कार्यक्रम के दौरान किसान हरियाणा के तीन प्रमुख संस्थानों में जाएंगे। जिनमें भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल: यहां किसानों को गेहूं और जौ की खेती, फसल उत्पादन तथा उन्नत कृषि तकनीकों से जुड़ी जानकारी मिलेगी। दूसरा राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल: इस संस्थान में किसान डेयरी विकास और पशुपालन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करेंगे। इससे उन्हें खेती के साथ दूध उत्पादन जैसे दूसरे कामों की संभावनाओं को समझने में मदद मिलेगी। तथा प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण संस्थान, गुरुकुल कुरुक्षेत्र: यहां किसान प्राकृतिक खेती के तरीकों और इससे जुड़ी कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी लेंगे।
इस शैक्षिक भ्रमण का मकसद किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों से जोड़ना है। प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाली जानकारी से किसान अपनी खेती में नए प्रयोग कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें फसल उत्पादन और प्राकृतिक खेती के बारे में अपनी समझ बढ़ाने का अवसर मिलेगा। डेयरी विकास से जुड़ी जानकारी किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी के विकल्प तलाशने में भी उपयोगी हो सकती है। प्रशिक्षण से मिली सीख को अपने खेतों में अपनाकर किसान खेती को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास कर सकेंगे। कृषि विभाग की इस पहल से किसानों को कृषि और उससे जुड़े दूसरे क्षेत्रों में हो रहे नए प्रयोगों की जानकारी मिलेगी। इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि संतोष कुमार द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी और भ्रमण पर जाने वाले किसान मौजूद रहे।