Gonda Murder Case: गोंडा के चर्चित श्याम सिंह हत्याकांड में चार साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करनैलगंज क्षेत्र के तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोषियों को दोषी करार दिया।

Gonda Murder Case: गोंडा में चार साल पुराने हत्या के एक चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करनैलगंज क्षेत्र के रहने वाले श्याम सिंह की हत्या के मामले में दोषी पाए गए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही सभी दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
गोंडा जिले के करनैलगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए हत्या के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप संभव हो सकी। जानकारी के अनुसार, करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे कोचा कासिमपुर गांव की रहने वाली कविता ने 2 जुलाई 2022 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनके पति श्याम सिंह शौच के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। बाद में उनका शव गांव के बाहर एक गड्ढे में पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस अधीक्षक गोंडा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत इस मामले को प्राथमिकता पर लिया गया। अभियोजन अधिकारी अवनीश धर द्विवेदी, करनैलगंज थाने के पैरोकार कांस्टेबल अनूप शुक्ला तथा कोर्ट मोहर्रिर महिला कांस्टेबल सुषमा यादव ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत ने आरोपी ममता, अन्नपूर्णा उर्फ चन्नी देवी तथा सोन बहादुर उर्फ गदरे को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पुलिस अधिकारियों ने इसे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए आगे भी प्रभावी पैरवी जारी रहेगी।
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