
Navaratri 2026:गोंडा में नवरात्रि और दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहार के दौरान शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक हुई। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस अधिकारियों, धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाने और अफवाहों से बचने की अपील की।
गोंडा जिले में आगामी नवरात्रि और दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने की। इसमें पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष मौजूद रहे। इसके अलावा सभी धर्मों के धर्मगुरु और संभ्रांत नागरिक भी बैठक में शामिल हुए। जिलाधिकारी ने धर्मगुरुओं और नागरिकों से बातचीत करते हुए कहा कि नवरात्रि और दुर्गा पूजा का त्योहार सभी लोग हर्षोल्लास के साथ मनाएं। किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कोई काम नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति धार्मिक भावनाओं को भड़काने या किसी तरह का दुष्प्रचार करने का प्रयास करता है। तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी तरह की समस्या होने पर तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें। अधिकारियों ने सोशल मीडिया को लेकर भी लोगों को सावधान किया। कहा गया कि ऐसी कोई पोस्ट, वीडियो या संदेश सोशल मीडिया पर शेयर न करें, जिससे आपसी माहौल खराब हो सकता है। अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी।
पंडालों की सुरक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि कोई भी पूजा पंडाल हाईटेंशन बिजली के तार के पास नहीं बनाया जाए। रेलवे क्रॉसिंग के पास भी पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। सभी पंडालों के पास पर्याप्त पानी की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। मूर्ति विसर्जन के दौरान नाबालिग बच्चों को नहीं ले जाने की जिम्मेदारी आयोजनकर्ताओं की होगी।
एसडीएम, सीओ और थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में पंडाल, विसर्जन स्थल और प्रमुख मार्गों का स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। विसर्जन घाटों पर रोशनी, पार्किंग, गोताखोर और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं, सभी थानाध्यक्षों को डीजे संचालकों से संपर्क कर सामान्य ध्वनि में डीजे बजाने के संबंध में पहले से जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान नियमों का पालन और शांति व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।