
जनगणना कर्मियों को प्रशिक्षण देते डीएम फोटो सोर्स सूचना विभाग
Balrampur News: बलरामपुर में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनसंख्या की गणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जाएगी। आम लोगों को भी अपनी जानकारी खुद दर्ज करने का मौका मिलेगा। इसके लिए 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जानकारी जुटाएंगे। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने फील्ड ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सटीक आंकड़ों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर जोर दिया।
जनगणना-2027 के दूसरे चरण को लेकर जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जनसंख्या की गणना इस बार डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। इसी क्रम में फील्ड ट्रेनर्स के पहले बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना-2027 का दूसरा चरण पूरी तरह डिजिटल होगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोगों से जुड़ी जानकारी को आसानी से और अधिक सटीक तरीके से दर्ज किया जाएगा। उन्होंने फील्ड ट्रेनर्स से प्रशिक्षण के दौरान सभी तकनीकी प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों को गंभीरता से समझने को कहा, ताकि आगे प्रगणकों और सुपरवाइजरों को सही तरीके से प्रशिक्षण दिया जा सके।
जनगणना के दूसरे चरण में आम नागरिकों को 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना यानी Self Enumeration की सुविधा मिलेगी। इस दौरान लोग डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। इससे नागरिक सीधे जनगणना प्रक्रिया से जुड़ सकेंगे।
स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाएंगे। वे अपने आवंटित गणना ब्लॉक में प्रत्येक परिवार और व्यक्ति से निर्धारित जानकारी जुटाकर उसे डिजिटल माध्यम से दर्ज करेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के दूसरे चरण की संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे निर्धारित की गई है। मुख्य गणना पूरी होने के बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक रिवीजनल राउंड चलेगा। इसमें दर्ज की गई सूचनाओं की जांच की जाएगी और यदि कोई व्यक्ति या परिवार गणना से छूट गया है तो उसके संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश और प्रदेश की भविष्य की विकास योजनाओं, नीतियां बनाने और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए आंकड़ों का सही होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने फील्ड ट्रेनर्स से कहा कि वे तीन दिवसीय प्रशिक्षण में डिजिटल प्रक्रिया और जनगणना से जुड़े सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझें। इसके बाद प्रगणकों और सुपरवाइजरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दें। ताकि फील्ड में तकनीकी या प्रक्रियागत समस्या न आए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ जनगणना-2027 के दूसरे चरण को सफल बनाने की अपील की।
Updated on:
08 Oct 2026 04:48 pm
Published on:
08 Oct 2026 04:46 pm
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