
Gonda News: गोंडा जंक्शन पर शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने यात्रियों के चेहरे पर खुशी बिखेर दी। बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सूचना मिलते ही रेलवे और मेडिकल टीम ने तत्परता दिखाई, ट्रेन के कोच में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। कुछ ही देर में नवजात की किलकारी गूंज उठी, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया।
गोंडा जंक्शन पर शुक्रवार को मानवता, संवेदनशीलता और त्वरित सेवा का एक शानदार उदाहरण देखने को मिला। बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से यात्रा कर रही 26 वर्षीय महिला खुशबू को रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। जैसे ही इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को मिली। स्टेशन प्रशासन और चिकित्सा टीम तुरंत सक्रिय हो गई। ट्रेन के गोंडा जंक्शन पहुंचते ही प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर रेलवे अधिकारियों और चिकित्सकों की टीम तैयार खड़ी थी। उप स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य) दीपक पांडेय के नेतृत्व में आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। डॉ. प्रतिभा सिंह और मेडिकल स्टाफ ने तत्काल महिला की जांच की। स्थिति को देखते हुए प्रसव को ट्रेन के कोच में ही सुरक्षित तरीके से कराने का निर्णय लिया गया।
सहयात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के सहयोग से कोच एस-4 को अस्थायी प्रसव कक्ष का रूप दिया गया। कुछ ही समय बाद महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। नवजात के जन्म की खबर मिलते ही कोच में मौजूद यात्रियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। बच्चे की पहली किलकारी सुनते ही यात्रियों ने तालियां बजाकर मां और नवजात के स्वस्थ होने की कामना की।
घटना के बाद ट्रेन में मौजूद कई यात्रियों ने रेलवे और मेडिकल टीम की तत्परता की सराहना की। प्रसव के दौरान सुरक्षा और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन को करीब 20 मिनट तक स्टेशन पर रोका गया। प्राथमिक उपचार देने के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को एम्बुलेंस की मदद से जिला महिला अस्पताल भेजा गया। जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
इस अनोखी घटना के बाद यात्रियों ने नवजात को प्यार से 'क्रांति' नाम देना शुरू कर दिया। क्योंकि उसका जन्म बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में हुआ। गोंडा जंक्शन पर घटी यह घटना यात्रियों के लिए यादगार बन गई। पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।