
Gonda News: गोंडा के स्टेडियम परिसर में भारतीय शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में विद्या भारती एवं सरस्वती विद्या मंदिर की 37वीं खेल प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद और भाला फेंक समेत कई स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया।
गोंडा के स्टेडियम परिसर में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भारतीय शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में विद्या भारती एवं सरस्वती विद्या मंदिर की 37वीं खेल प्रतियोगिता के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान मैदान में खिलाड़ियों का उत्साह देखने को मिला। दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक और भाला फेंक सहित कई खेलों में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। खिलाड़ियों ने पूरे जोश के साथ अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में खेल भावना और अनुशासन का भी परिचय देखने को मिला।
कार्यक्रम में मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने पहुंचकर प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेलकूद से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और टीम भावना का विकास होता है।
मंडलायुक्त ने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी आगे बढ़ना चाहिए। खेलों में प्रतिभाग करने से बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है।
दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि शिक्षा के साथ खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। यदि खेल प्रतिभाओं को उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो विद्यार्थी जिला, मंडल, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को खेलों में लगातार मेहनत करने और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया गया। विजेता और बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
प्रतियोगिता में भारतीय शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, आचार्यगण, खेल प्रशिक्षक और निर्णायकगण मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
पूरी प्रतियोगिता उत्साहपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर देना रहा।