
गोंडा पहुंचे भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Sanjay Singh ने विनेश फोगाट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता के मामले में उन्हें शो कॉज नोटिस दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बैन भी किया जा सकता है। तीन दिवसीय सीनियर रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने आंदोलन, राजनीति और भारतीय कुश्ती के भविष्य पर भी खुलकर अपनी बात रखी।
गोंडा के नंदिनी नगर में आयोजित तीन दिवसीय सीनियर रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में पहुंचे भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Sanjay Singh ने कई बड़े मुद्दों पर खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता देशभर के पहलवानों को समान अवसर देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। पहले केवल हरियाणा जैसे मजबूत राज्यों को A और B रैंकिंग में रखा जाता था। लेकिन अन्य राज्यों के विरोध के बाद वर्ष 2021 की AGM में इस व्यवस्था को समाप्त कर रैंकिंग सीरीज शुरू की गई।
उन्होंने बताया कि अब रैंकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को वही सुविधाएं मिलेंगी। जो राष्ट्रीय प्रतियोगिता के विजेताओं को दी जाती हैं। गोंडा में आयोजित इस प्रतियोगिता में करीब 1400 एंट्री आई हैं। जिनमें फ्री स्टाइल, ग्रीको रोमन और महिला वर्ग शामिल हैं। अकेले फ्री स्टाइल में लगभग 600 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 80 प्रतिशत पहलवान हरियाणा से हैं।
विनेश फोगाट को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में शो कॉज नोटिस जारी किया गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। गोंडा में सुरक्षा को लेकर विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि “वह आरोप लगाने की आदी हैं।” उन्होंने दावा किया कि भारतीय कुश्ती संघ खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। किसी खिलाड़ी द्वारा इस तरह के आरोप लगाना गलत है।
उन्होंने पूर्व WFI अध्यक्ष Brij Bhushan Sharan Singh की शायरी का जिक्र करते हुए कहा कि “शायरी के मामले में वह बादशाह हैं।” साथ ही उन्होंने वर्ष 2023 के पहलवान आंदोलन को भारतीय कुश्ती के लिए नुकसानदायक बताया। उनका कहना था कि आंदोलन के कारण ओलंपिक में जहां चार पदक आने चाहिए थे। वहां केवल एक पदक आया। हालांकि वर्ष 2024 में भारतीय महिला पहलवानों ने चार पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
संजय सिंह ने दावा किया कि वर्ष 2028 ओलंपिक में भारत कुश्ती में चार से पांच पदक जीत सकता है। उन्होंने नंदिनी नगर के कुश्ती इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ करते हुए कहा कि देश में ऐसा माहौल कहीं और नहीं है। बजरंग पूनिया जैसे कई बड़े पहलवान यहां से निकलकर ओलंपिक तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और माता नंदिनी के आशीर्वाद से यहां के पहलवान लगातार देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत इच्छा राजनीति में जाने की नहीं है। लेकिन लोग चाहते हैं कि वह राजनीति में आएं। वहीं खेल में सियासत के सवाल पर उन्होंने कहा कि “खेल में ही सबसे ज्यादा सियासत हो रही है।”