उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से पुलिस ने पेपर सोल्व कराने वाले वाले गैंग के 4 लोगों को पकड़ा है। जो रेलवे की परीक्षा पास कराकर नौकरी दिलाने के लिए लाखों का चार्ज लेते थे।
रेलवे में नौकरी के लिए समूह ग की ऑन लाइन परीक्षा का आयोजन किया गया था, जिसमें पास कराने की गारंटी लेकर सोल्वर गैंग लोगों से लाखों रु नौकरी दिलाता था। ऐसे 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसकी जानकारी एसपी मनोज कुमार अवस्थी ने देते हुए कहा कि, ये सोल्वर मूल रूप से बिहार का है। जिसका नाम रंजीत कुमार है, इसे बीते मंगलवार को स्वास्तिक ऑनलाइन सेंटर में मिथिलेश कुमार की जगह परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया था। जिससे लगातार पूछताछ की जा रही थी, इस दौरान उसने बताया कि, वह लखनऊ, चंडीगढ़, प्रयागराज, उत्तराखंड सहित कई स्थानों पर सॉल्वर के रूप में दूसरे परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा दे चुका है। रंजीत के पास से नकली बाल (विग), अन्य मेकअप का सामान भी बरामद हुआ है, वो हर परीक्षा से पहले अच्छे से मेकअप करता था जिससे उसे कोई पहचान सके। वो अपने आप को उस परीक्षार्थी के जैसे बनाने के लिए मेकअप करता था। ताकि परीक्षा केंद्र पर फोटो या परिचय पत्र से मिलान के दौरान उसे कोई दिक्कत न हो।
बिहार के रहने वाले पंकज कुमार द्वारा कूट रचित आधार कार्ड व फर्जी प्रवेश पत्र मिक्सिंग कर फोटो बदल कर खोराबार के दीपचंद के स्थान पर सॉल्वर के रूप में परीक्षा दे रहा था। इसके अतिरिक्त गैंग में शामिल दो अन्य इंद्रजीत पासवान व संदीप पासवान को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो उसकी सहायता करते थे।
रेलवे की ऑन लाइन परीक्षा में सॉल्वर गैंग के सेंध लगाते ही पूरे क्षेत्र में हलचल मची हुई है। इससे एसटीएफ और पुलिस ने बाकी अन्य सेंटरों पर भी जांच तेज कर दी है। ताकि ऐसे और भी कई लोगों को पकड़ा जा सके।
5 लाख रु में पास कराने का ठेका
एसपी गोरखपुर के अनुसार, पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि रेलवे की ग्रुप डी की ऑनलाइन परीक्षा में सॉल्वर गैंग के गुर्गे के तौर पर पकड़े गए सॉल्वर रंजीत कुमार ईसीआरसी पद पर लखनऊ में कार्यरत था. अब तक कई स्थानों पर दूसरों की जगह पर परीक्षा दे चुका है, प्रति अभ्यर्थी 5 लाख रुपये में सौदा तय किया जाता था.