
ADG inagurate new cyber police station: साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को बेहतर पुलिस सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में गोरखपुर पुलिस को बड़ी सौगात मिली है। चरगांवा में 4 करोड़ 88 लाख 32 हजार रुपये की लागत से निर्मित साइबर थाने के दो मंजिला भवन का शुक्रवार को एडीजी जोन राम कुमार ने विधिवत उद्घाटन किया। इसके साथ ही पुलिस लाइन के पास स्थित अस्थायी भवन से संचालित साइबर थाना अब अपने नए प्रशासनिक परिसर में पहुंच गया है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस भवन में साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई और मामलों की जांच-पड़ताल की जा रही है।
उद्घाटन से पहले एडीजी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने फीता काटकर भवन का उद्घाटन किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने नए परिसर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, एसपी उत्तरी राजेश गुनावत, एसपी क्राइम अयोध्या प्रसाद सिंह, एसपी सिटी निमिष पाटील, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ कैंट अरुण कुमार एस., सीओ गोरखनाथ रवि सिंह और प्रतिसार निरीक्षक अभिचल पांडेय समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
अब तक साइबर थाना पुलिस लाइन के पास स्थित अस्थायी भवन में संचालित हो रहा था। सीमित जगह और संसाधनों के चलते पुलिसकर्मियों को कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। चरगांवा में नया भवन तैयार होने के बाद थाने को व्यवस्थित कार्यस्थल मिल गया है। इससे साइबर अपराध से पीड़ित लोगों की शिकायतें सुनने, मामलों की जांच करने, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और आवश्यक पुलिस कार्रवाई को आगे बढ़ाने में सहूलियत होगी।
नए भवन में बुधवार से ही कामकाज शुरू हो गया था। यहां फरियादियों की शिकायतें सुनी जा रही हैं और दर्ज मामलों की जांच-पड़ताल भी की जा रही है। शुक्रवार को एडीजी जोन ने औपचारिक रूप से भवन का उद्घाटन किया। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद सिंह ने बताया कि भवन का निर्माण पूरा हो चुका है और थाने का कामकाज नए परिसर से संचालित किया जा रहा है।
गोरखपुर में साइबर अपराधों की जांच को मजबूत करने और पीड़ितों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चरगांवा में इस भवन का निर्माण कराया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 अप्रैल 2025 को भवन का शिलान्यास किया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री ने 14 जून 2026 को इसका लोकार्पण किया था। अब एडीजी जोन राम कुमार ने उद्घाटन की औपचारिकता पूरी की।
राजकीय निर्माण निगम की ओर से करीब 4.88 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस दो मंजिला भवन में थाने के संचालन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। परिसर में वर्षा जल संचयन के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, 50 व्यक्तियों की क्षमता वाला सेप्टिक सोकपिट टैंक, बोरिंग, सबमर्सिबल पंप और पानी की आपूर्ति की व्यवस्था है। इसके अलावा निर्बाध कामकाज में सहूलियत के लिए डीजी सेट, स्थानीय नेटवर्क और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
साइबर थाने में वर्तमान में चार निरीक्षक, सात उपनिरीक्षक और महिला पुलिसकर्मियों सहित 14 सिपाही तैनात हैं। यह टीम ऑनलाइन ठगी, बैंक खातों से धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल अपराधों से जुड़ी शिकायतों की जांच करती है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत दर्ज करना, डिजिटल साक्ष्य जुटाना और संबंधित लेनदेन की पड़ताल करना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
नए भवन में बेहतर कार्यस्थल और आवश्यक सुविधाएं मिलने से पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही पीड़ितों को शिकायतों के निस्तारण और जांच की प्रक्रिया में बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। साइबर अपराधों के लगातार बदलते स्वरूप के बीच यह नया परिसर गोरखपुर पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।