
Gorakhpur News:उत्तर प्रदेश में चलती ट्रेन पर पथराव का एक और मामला सामने आया है। सहजनवा-जगतबेला स्टेशन के बीच दिल्ली-सीतामढ़ी अमृत भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंका गया। खिड़की खुली होने के कारण पत्थर कोच में सो रहे दिल्ली निवासी फैजान के सिर पर जा लगा। हादसे में उसका सिर फूट गया। ट्रेन के गोरखपुर पहुंचने पर रेलवे अस्पताल में उसका प्राथमिक इलाज कराया गया। मामले में RPF और GRP की टीमें पत्थर फेंकने वाले की तलाश कर रही हैं।
घटना के बाद ट्रेन में मौजूद एक यात्री ने इसकी जानकारी गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर दी। ट्रेन के गोरखपुर पहुंचने पर आरपीएफ की टीम युवक के कोच में पहुंची। इसके बाद रेलवे अस्पताल के डॉक्टर ने फैजान का प्राथमिक इलाज किया। उपचार के बाद ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया। फैजान दिल्ली से सीतामढ़ी जाने के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस में सवार हुआ था। घटना के समय वह अपनी बर्थ पर सो रहा था। इसी दौरान खिड़की के रास्ते आया पत्थर उसके सिर पर लगा।
पथराव की घटना 27 सितंबर की सुबह करीब 3:40 बजे की बताई जा रही है। फैजान ने आरपीएफ को बताया कि वह सीतामढ़ी पहुंचने के बाद इस घटना को लेकर लिखित शिकायत देगा। फिलहाल पथराव करने वाले व्यक्ति का पता नहीं चल पाया है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश विश्वकर्मा ने बताया कि घटनास्थल पर टीमें आरोपियों की खोजबीन कर रही हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ट्रेन पर पथराव की घटनाएं इससे पहले भी सामने आ चुकी हैं। इस मामले में भी आरपीएफ और जीआरपी की टीमें पत्थर फेंकने वाले की तलाश में जुटी हैं।
वहीं, ट्रेन पर पथराव का एक मामला महाराष्ट्र में भी सामने आया है। वर्धा के पास शुक्रवार रात नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस के एसी कोच की खिड़की पर कथित तौर पर पत्थर लगने से शीशा टूट गया। हालांकि, खिड़की के पास बैठे यात्री इस घटना में सुरक्षित बच गए। रेलवे अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि घटना रात करीब 9 बजे हुई। ट्रेन संख्या 12290 मुंबई जा रही थी। पत्थर कोच की एक खिड़की पर लगा, जिससे शीशे में दरार आ गई और उसके टुकड़े बिखर गए। खिड़की से कुछ ही इंच की दूरी पर बैठे यात्री बाल-बाल बच गए।
घटना के बाद ट्रेन को वर्धा स्टेशन पर रोका गया और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में शिकायत दर्ज कराई गई। रेलवे कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त कोच का निरीक्षण किया। जरूरी मरम्मत के बाद ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया। कुछ यात्रियों ने दावा किया कि चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके गए थे।