
Gorakhpur News: डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सीएम योगी के विकास मॉडल की ऐसी पोल खोली कि अतिथियों से भरा पूरा सभागार हैरान हो गया। गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्होंने साफ कहा, 'जो हमारी कमियां हैं, वो तो मुझे बतानी ही पड़ेंगी।'
राज्यपाल ने कहा, 'यह तो गोरखपुर है, जहां स्वयं हमारे मुख्यमंत्री विराजमान हैं, वहां ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा?' इसके बाद राज्यपाल ने बिजली, पानी, पंखे, गंदगी, ड्रग्स और शराब जैसी समस्याओं का एक-एक कर जिक्र किया।जिस शहर को सरकार विकास का मॉडल बताती है, उसी सीएम सिटी की बदहाली पर राज्यपाल के बयान ने सरकारी दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री के अपने शहर का यह हाल है, तो बाकी प्रदेश की तस्वीर कैसी होगी?
बता दें कि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल डीडीयू के दीक्षांत समारोह में गुरुवार को टॉपरों को मेडल देकर विश्वविद्यालय के कार्यों-प्रयासों की सराहना की। इस पर तालियां बजीं और शिक्षकों ने खुले मन से स्वागत भी किया। लेकिन समारोह खत्म होने से पहले उन्होंने डीडीयू सहित प्रदेश के विश्विद्यालय के हॉस्टलों की जो कहानी बताई, उसने अतिथि से लेकर शिक्षकों के चेहरे पर सिकन के भाव ला लिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों में नशे का सामान पहुंच रहा है। जो बेहद चिंता का विषय है। हॉस्टलों में गंदगी, खाने के सामान की गुणवत्ता ठीक न होना यह दर्शा रहा है कि इस पर किसी का ध्यान नहीं है।
राज्यपाल ने कहा कि वह विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल खुद गईं। खाने की गुणवत्ता अच्छी नहीं दिखी तो खाद्य सुरक्षा विभाग को बुलवाया और सैंपल लेने के निर्देश दिए। सैंपलिंग में कोई खेल न हो सके, इसलिए उन्होंने लखनऊ में भी जांच के लिए सैंपल लिए हैं। दोनों जगहों पर जांच के बाद इसकी रिपोर्ट कुलपति को भेजेंगी।
उन्होंने कहा कि ब्वॉयज हॉस्टल में तो भोजन की व्यवस्था नहीं है। टिफिन में आ रहा है और टिफिन में जब भोजन आ सकता है तो कुछ भी आ सकता है। बताया कि जनभवन की टीम ने हॉस्टलों का निरीक्षण कर जो रिपोर्ट सौंपी है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने तीन माह के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।