
गोंडा में पर्यटन विकास योजनाओं की मंत्री ने की समीक्षा फोटो सोर्स विभाग
UP Tourism: उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने देवीपाटन मंडल की पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा तेज कर दी है। शुक्रवार को गोंडा पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने करीब 18.35 करोड़ रुपये की 16 प्रस्तावित पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती के प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
गोंडा के महाराजा सुहेलदेव सभागार में पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य केवल भवन बनाने तक सीमित नहीं होने चाहिए। बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की पहचान को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि एक करोड़ रुपये तक की सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं। वहीं 1.5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को छह महीने के भीतर पूरा करने के लिए भी अधिकारियों को कहा गया।
वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत गोंडा की सात, बहराइच की चार, बलरामपुर की तीन और श्रावस्ती की दो पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। गोंडा में मां नदना देवी मंदिर, जंबूद्वीप (राम जानकी मंदिर), अद्वैत स्वरूप आश्रम, भगवान कपिल मुनि आश्रम, भक्ति धाम और चारों धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाओं पर चर्चा हुई। इन स्थानों पर सौंदर्यीकरण, मूलभूत सुविधाएं और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
स्वामीनारायण छपिया मंदिर की लगभग 22.18 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास परियोजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यहां पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, आकर्षक फसाड लाइटिंग और आधुनिक सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है। मंत्री ने परियोजना की प्रगति पर संतोष जताते हुए इसे तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
बहराइच के प्रज्ञा शिव शक्ति मंदिर, प्राचीन जंगलीनाथ मंदिर, जगम्रवा बाबा मंदिर और समय माता मंदिर के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। वहीं बलरामपुर के समय माता मंदिर तथा श्रावस्ती के बट्ठा कुटी और सीताद्वार में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान गोंडा और बलरामपुर के रामलीला मैदानों के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा करीब 3.39 करोड़ रुपये से विकसित हो रहे महाराज परमहंस बरियाडीह रामलीला मैदान की प्रगति की समीक्षा की गई।
धर्मार्थ कार्य विभाग ने गोंडा के गोरिनाथ शिवाला, बहराइच के शिव बागेश्वरनाथ मंदिर और श्रावस्ती के प्राचीन शिवालयों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि धार्मिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।
Updated on:
07 Aug 2026 04:45 pm
Published on:
07 Aug 2026 04:44 pm
