
बृजभूषण शरण सिंह फोटो सोर्स @brijbhushansharan Facebook Account
Brij Bhushan vs Ramdev: गोंडा के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के बीच घी को लेकर विवाद और तीखा हो गया है। पतंजलि की ओर से 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा किए जाने के बाद बृजभूषण ने रामदेव पर खुलकर हमला बोला। उन्होंने 2022 में दिए अपने बयान का जिक्र करते हुए घी की कीमत पर सवाल उठाया। बृजभूषण ने कहा कि जब एक किलो घी तैयार करने में उसे समय करीब 900 रुपये की लागत आती है। तो इसे 500 रुपये में कैसे बेचा जा सकता है।
बाबा रामदेव और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच घी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मानहानि के मुकदमे तक पहुंच चुका है। पतंजलि फूड्स की ओर से बृजभूषण के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा किए जाने के बाद उन्होंने रामदेव पर फिर तीखा हमला बोला है। बृजभूषण ने कहा कि यह मामला वर्ष 2022 में उनके दिए बयान से जुड़ा है। वह अपने सवालों पर आज भी कायम हैं।
बृजभूषण ने बताया कि वर्ष 2022 में वह एक कथा कार्यक्रम में गए थे। वहां व्यास पीठ से उन्हें बोलने के लिए कहा गया। उन्होंने गांव के लोगों से अपनी सेहत के लिए घर में सब्जियां उगाने, गाय-भैंस पालने और अपना दूध-घी इस्तेमाल करने की बात कही थी। इसी दौरान उन्होंने पतंजलि के घी की कीमत पर सवाल उठाया था।
उन्होंने कहा कि अगले दिन आचार्य बालकृष्ण का फोन आया। बृजभूषण के मुताबिक, उन्होंने उनसे घी की कीमत को लेकर सवाल किया। उनका तर्क था कि अगर गांव में दूध करीब 30 रुपये लीटर बिकता है। और एक किलो घी तैयार करने में करीब 30 किलो दूध लगता है, तो दूध की कीमत ही लगभग 900 रुपये बैठती है। ऐसे में 500 रुपये किलो में घी बेचने को लेकर उन्होंने सवाल किया था। बृजभूषण ने कहा कि उन्हें इस सवाल का जवाब आज तक नहीं मिला।
इसके बाद उन्होंने रामदेव के उत्पादों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। बृजभूषण ने दावा किया कि रामदेव के कुछ उत्पादों को लेकर अलग-अलग देशों में कार्रवाई हुई है। कुछ मामलों में अदालतों में भी विवाद पहुंचा है। इन दावों पर पतंजलि का पक्ष अलग है। कंपनी ने उनके बयानों को गलत बताते हुए मानहानि का दावा किया है।
बृजभूषण ने कहा कि देश में खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मिलावट के खिलाफ आने वाले किसी बड़े अभियान में उनका बयान भी लोगों को जागरूक करने का माध्यम बनेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर अदालत उन्हें सजा देती है। और जेल भेजती है तो वह जमानत नहीं कराएंगे। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ लोगों को जागरूक करना है।
Updated on:
19 Sept 2026 04:37 pm
Published on:
19 Sept 2026 04:37 pm
