मिशन 2019 के खेल में फंसती बीजेपी अब इस नई रणनीति से जीतेगी चुनाव
मिशन 2019 का खेल यूपी में फंसता देख बीजेपी अब नई चाल चल रही है। नाराज कार्यकर्ताओं व नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए उनको सरकार में जगह देने जा रही है। इन कार्यकर्ताओं की लिस्ट जिले स्तर पर तैयार भी हो चुकी है। हर जिले से ऐसे सौ कार्यकर्ताओं व नेताओं को चिंहित किया गया है जो सक्रिय तो रहे हैं लेकिन सत्ता मिलने के बाद खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे या आयातित नेताओं की वजह से हाशिए पर चले गए हैं। मेरठ में हो रही कार्यसमिति के पहले भेजी गई इस लिस्ट पर कार्यसमिति के दौरान भी सीनियर नेताओं की मौजूदगी में चर्चा की गई है।
बताया जा रहा है कि लिस्ट के नेताओं व कार्यकर्ताओं को विभिन्न निगमों, आयोगों व समितियों में जगह दी जाएगी ताकि वे पूरे मनायोग से लोकसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार में लग जाएं। इन्हीं कार्यकर्ताओं व नेताओं में कुछ लोगों का संगठन में भी महत्वपूर्ण पदों पर समायोजन किया जाएगा।
भाजपा की यह है रणनीति
यूपी में लोकसभा चुनाव के दौरान 2014 के चुनाव का इतिहास दोहराने के लिए बीजेपी काफी प्रयासरत है। लेकिन कार्यकर्ताओं की नाराजगी काफी मुश्किलें खड़ा कर रहा। आरोप लग रहे कि सत्ता प्राप्ति के बाद बीजेपी का मूल कैडर उपेक्षित हो रहा और बाहर से आए लोग सत्तासुख भोग रहे। इससे पार्टी को भी काफी नुकसान झेलना पड़ रहा बदनामी अलग से हो रही। बीजेपी संगठन हाई लेवल तक यह बात अब पहुंचने लगी है। पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे में भी कार्यकर्ताओं की नाराजगी और कुछ खास लोगों तक सत्ता केंद्रित होने की बात सामने आई है। अब पार्टी डेमेज कंट्रोल में लगी हुई है। इसी का नतीजा है कि अब जिलेवार सौ-सौ कार्यकर्ताओं-नेताओं की लिस्ट मंगाई गई है जिनका सरकार से लेकर संगठन में समायोजित किया जाएगा। बीजेपी अपनी इस रणनीति से नाराज कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारी देकर आगामी लोकसभा चुनाव की वैतरणी पार करने की सोच रही है।