बीएसएफ में 2009 में हुए थे भर्ती
गोरखपुर। त्रिपुरा में बीएसएफ के जवानों में आपसी विवाद में गोरखपुर का भी एक लाल शिकार हो गया है। अलसहा जमा करने गए एक जवान ने किसी बात को लेकर हुए विवाद में कई जानें ले ली। फिर खुद को भी गोली मार ली। गोली लगने से गगहा क्षेत्र के रहने वाले एक जवान की भी मौत हो गई। मौत की खबर आते ही जवान के घर में कोहराम मच गया। परिवारीजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में बार्डर पर बीएसएफ के जवान तैनात हैं। बताया जा रहा है कि शिशुपाल नाक का एक कांस्टेबल ड्यूटी खत्म होने के बाद शनिवार को अपना राइफल जमा कराने पहुंचा। वहां उसकी किसी बात को लेकर हेड कांस्टेबल बिजाॅय कुमार से कहासुनी हो गया। बात बढ़ गई तो बंदूक तान दी। अचानक से उसने आव देखा न ताव और बिजाॅय को गोली मार दी। आसपास के कुछ लोग समझ पाते इसके पहले उसने फाॅयरिंग शुरू कर दी। इससे वहां पास तैनात रिंकू कुमार व राकेेश यादव बुरी तरह जख्मी हो गए। कई लोगों को गोली मारने के बाद शिशुपाल ने खुद भी गोली मारकर जान दे दी।
आसपास के जवान मौके पर पहुंचे तो रिंकू और राकेश यादव की सांसे चल रही थी। आनन-फानन में इनको अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन अस्पताल में इनको बचाया नहीं जा सका।
गगहा क्षेत्र के हैं बीएसएफ के जवान राकेश
गगहा क्षेत्र के अंकुसी गांव के पंडित नगवा के रहने वाले 36 वर्षीय राकेश यादव पुत्र रामकेवल यादव 2009 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। इस समय वह त्रिपुरा में बीएसएफ बटालियन 55 बीएन पानी सागर में तैनात थे। राकेश के पिता रामकेवल यादव रेलवे मे नौकरी करते थे। राकेश के सबसे बड़े भाई तारकेश्वर यादव कलकत्ता में डाक्टर हैं दूसरे भाई रामेश्वर यादव घर पर रहकर खेतीबारी करते हैं। सबसे छोटे राकेश यादव 2009 बीएसएफ में भर्ती हुए थे। 2015 में त्रिपुरा में तैनाती हो गई। परिजन बताते हैं कि राकेश याद दिसम्बर में एक माह की छुट्टी पर घर आए थे। जनवरी में छुट्टी पूरी कर अपनी ड्यूटी पर चला गए। शादी वर्ष 2004 में बांसगांव क्षेत्र के मोहन बैदोली की सीमा यादव संग हुई थी। उनका एक चार साल का बेटा भी है।